पौआखाली के वार्ड नंबर 4 में ठप पड़ी सफाई व्यवस्था, लाखों के बजट के बाद भी गंदगी का अंबार, उच्च स्तरीय जांच की मांग
ईद मिलाद-उन-नबी को लेकर मुख्य जगहों पर जहां सजावट की जा रही है वहीं वार्ड में सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही

किशनगंज, 25 अगस्त (के.स.)। फ़रीद अहमद, नगर पंचायत पौआखाली के सिमलबाड़ी स्थित वार्ड नंबर 4 के निवासी इन दिनों नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। इलाके में लंबे समय से साफ-सफाई न होने के कारण जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों और नगर प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी है।
नाम न छापने की शर्त पर वार्ड के ही एक व्यक्ति ने नगर पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार की ओर से हर महीने साफ-सफाई के मद में लाखों रुपये का बजट आवंटित किया जाता है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर वार्ड नंबर 4 की स्थिति बद से बदतर बनी हुई है। सड़कों पर बिखरा कचरा नगर पंचायत के दावों की पोल खोल रही हैं।
लोगों का कहना है कि सफाई की अनियमितता और जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। आखिर जब सफाई के नाम पर इतनी बड़ी रकम खर्च की जा रही है?, तो वार्डों में झाड़ू तक क्यों नहीं लग पा रही?
उच्च स्तरीय जांच की उठ रही मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि यह जांच बेहद जरूरी है कि आखिर सफाई के नाम पर आने वाला लाखों रुपया कहां जा रहा है और उसे किस काम में खर्च दिखाया जा रहा है। लोगों ने विभाग से सफाई मद में हुए खर्च का ऑडिट कराया जाए और लापरवाही बरतने वाले संवेदकों पर सख्त कार्रवाई हो।



