*पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय एनवां, जहानाबाद में वार्षिक पर्यवेक्षण, शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर*

सुमित रंजन पाण्डेय/पटना/जहानाबाद*- पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय एनवां, जहानाबाद में 24 अगस्त 2026 सोमवार को केंद्रीय विद्यालय संगठन, पटना संभाग के सहायक आयुक्त श्री पूर्णेंदु मंडल के नेतृत्व में विद्यालय का वार्षिक पर्यवेक्षण संपन्न हुआ। इस दौरान विद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई तथा बेहतर शैक्षणिक परिणाम के लिए आवश्यक सुधारों पर चर्चा हुई।
वार्षिक पर्यवेक्षण के अवसर पर केंद्रीय विद्यालय नंबर-2 गया के प्राचार्य श्री राजेश श्रीवास्तव, केंद्रीय विद्यालय राजगीर के प्राचार्य श्री विवेक किशोर, केंद्रीय विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री नवनित कुमार तथा केंद्रीय विद्यालय सासाराम एवं पटना के मुख्य अध्यापक श्री ब्रजेश कुमार एवं श्री राजीव रंजन उपस्थित रहे।
पर्यवेक्षण दल ने विद्यालय की कार्यप्रणाली के विभिन्न पहलुओं का जायजा लेते हुए सुधार की संभावनाओं को रेखांकित किया। विद्यालय परिवार को इन सुझावों को कमी के रूप में नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा के साथ निरंतर सुधार के अवसर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
सहायक आयुक्त श्री पूर्णेंदु मंडल ने कक्षा X एवं XII की बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विद्यालय परिवार एवं शिक्षकों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से कक्षा X में पटना संभाग में द्वितीय स्थान प्राप्त करने की उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए आगामी सत्र में इस प्रदर्शन को बरकरार रखने तथा प्रथम स्थान हासिल करने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने विद्यालय की छात्रा सुनिधि की उपलब्धियों की भी विशेष रूप से सराहना की। सुनिधि लगातार दो वर्षों तक ISRO के YUVIKA कार्यक्रम के लिए चयनित हुईं और दो सप्ताह के निःशुल्क आवासीय कार्यक्रम में भाग लिया। इसके अलावा ग्रीष्मावकाश के दौरान उन्होंने URSC, बेंगलुरु का भ्रमण भी किया। सहायक आयुक्त ने छात्रा, उसके अभिभावकों एवं विद्यालय परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
श्री मंडल ने शिक्षकों से टीम भावना के साथ कार्य करने तथा स्वयं को निरंतर एक ‘Researcher’ यानी शोधकर्ता के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ अधिक से अधिक Interactive Teaching-Learning पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि कक्षा में शिक्षण प्रक्रिया केवल शिक्षक के प्रश्न पूछने और विद्यार्थियों के उत्तर देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। विद्यार्थियों को भी प्रश्न पूछने और अपनी जिज्ञासाओं को व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे उनमें जिज्ञासा, तार्किक चिंतन और रचनात्मकता का विकास होगा तथा वे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन सकेंगे।
पर्यवेक्षण के दौरान प्राप्त सुझावों को विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए उपयोगी और प्रेरणादायी बताया गया। विद्यालय परिवार ने सभी सुझावों को सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हुए आगामी सत्र में बेहतर शैक्षणिक परिणाम, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।
पीएम श्री विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, प्रेरक और समृद्ध शिक्षण वातावरण विकसित करना तथा उन्हें व्यापक सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है।

