*पी पी एम किड्स स्कूल में श्रद्धा, उल्लास और पर्यावरण चेतना के साथ मनाया गया “श्रावणी महोत्सव”* *वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण का दिया गया संदेश*

नवीन कुमार रौशन/ पी पी एम किड्स स्कूल, राजा बाजार (बाजार समिति प्रांगण), जहानाबाद में “श्रावणी महोत्सव” का भव्य आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और पर्यावरण चेतना के साथ किया गया। सावन के पावन महीने को समर्पित इस महोत्सव में संस्कृति, भक्ति और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ जहानाबाद के पूर्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रभात भूषण श्रीवास्तव हम पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुनील कुमार सिंहा संत कोलंबस स्कूल के निदेशक राकेश कुमार पी पी एम ग्रुप ऑफ स्कूल के अध्यक्ष एवं वृक्ष मित्र संस्था के संयोजक *डॉ. एस. के. सुनील* तथा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित एवं लोजपा (रामविलास) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष *डॉ. इंदु कश्यप* द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

*सावन महोत्सव की धूम:*
महोत्सव में नन्हे-मुन्हे बच्चों ने सावन की परंपरा को जीवंत कर दिया। बच्चों ने _सावन की कजरी, मल्हार गीतों_ पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। _राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती_ के स्वरूप में सजे बच्चों की झांकियों ने पूरे माहौल को भक्तिमय और शिवमय बना दिया। इसके साथ ही बच्चों ने _साइबर क्राइम, मोबाइल के दुरुपयोग और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ_ जैसे ज्वलंत सामाजिक मुद्दों पर शानदार रोल-प्ले कर उपस्थित अभिभावकों को जागरूक किया।
*वृक्षारोपण – “एक पेड़ माँ के नाम”:*
कार्यक्रम के दूसरे चरण में वृक्ष मित्र संस्था के तत्वावधान में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत विद्यालय परिसर में आम, नीम, पीपल और अशोक के पौधे लगाए गए। पूर्व डीएसपी प्रभात भूषण श्रीवास्तव ने स्वयं पौधा लगाकर बच्चों को बताया कि _“एक वृक्ष सौ पुत्रों के समान होता है।”_ डॉ. एस. के. सुनील ने कहा कि वृक्ष मित्र संस्था पिछले कई वर्षों से जहानाबाद को हरा-भरा बनाने के लिए संकल्पित है और सावन में लगाया गया एक पौधा सबसे पुण्यदायी होता है।
*जल संरक्षण का संकल्प:*
इस अवसर पर जल संरक्षण पर विशेष चर्चा की गई। अतिथियों ने बताया कि सावन में वर्षा जल का संचय करना सबसे आसान है। बच्चों को _“जल है तो कल है”_ का मंत्र दिया गया और रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाबों की सफाई और जल बर्बादी रोकने की शपथ दिलाई गई। डॉ. इंदु कश्यप ने कहा कि महिलाएं घर में जल की सबसे बड़ी संरक्षक हैं, उन्हें जल का सदुपयोग करना चाहिए।
अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों ने मिलकर पर्यावरण बचाने, जल बचाने और संस्कृति को बचाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा किया गया और धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य द्वारा किया गया।



