
रांची, 2 जुलाई। झारखंड कैबिनेट ने रांची में रिम्स-2 (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान-2) की स्थापना के लिए 4,189 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। सरकार का कहना है कि यह राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक होगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस फैसले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और सहयोग से वर्षों पुराना सपना अब साकार होने की दिशा में आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पिछले करीब एक साल से इस परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। डॉ. अंसारी के अनुसार, एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के सहयोग से परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजना और समन्वय किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान विपक्ष, खासकर भाजपा ने इस योजना को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की, लेकिन सरकार अपने फैसले पर कायम रही।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रिम्स-2 के बनने से झारखंड के मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में भेजने की जरूरत कम होगी। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार होगा और एमबीबीएस, पीजी तथा सुपर स्पेशियलिटी सीटों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि रिम्स-2 को पूर्वी भारत के प्रमुख चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। इससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। डॉ. इरफान अंसारी ने इस परियोजना में सहयोग के लिए मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में इसका लाभ राज्य के लोगों को मिलेगा।
