कांग्रेस विधायकों का पलटवार: “हमने पूरी निष्ठा से मतदान किया, महागठबंधन के साथ हुआ विश्वासघात”

रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 के परिणामों को लेकर महागठबंधन के भीतर जारी सियासी घमासान के बीच कांग्रेस विधायक दल ने भाजपा और राजद के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस विधायकों ने संयुक्त बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि पार्टी के सभी विधायकों ने पूरी एकजुटता, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था। ऐसे में कांग्रेस विधायकों पर क्रॉस वोटिंग या विश्वासघात के आरोप लगाना पूरी तरह निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस विधायक दल ने कहा कि लोकतंत्र में जीत और हार दोनों संभावनाएं रहती हैं, लेकिन चुनावी हार का ठीकरा बिना किसी तथ्य और प्रमाण के कांग्रेस पर फोड़ना उचित नहीं है। पार्टी ने कहा कि यदि महागठबंधन के पास 56 वोट थे और भाजपा तथा उसके सहयोगी दलों के पास केवल 24 वोट, तो भाजपा समर्थित उम्मीदवार को जीत के लिए मिले अतिरिक्त वोटों का जवाब भी तलाशना होगा।
भाजपा पर धनबल के इस्तेमाल का आरोप
बयान में कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए कि वह किसी झारखंडी नेता या कार्यकर्ता को अपना उम्मीदवार क्यों नहीं बना सकी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में धनबल का खेल हुआ और झारखंडी अस्मिता को कमजोर करने का प्रयास किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि किसी प्रकार का खेल नहीं हुआ, तो भाजपा समर्थित उम्मीदवार को मिले अतिरिक्त वोटों का स्रोत क्या है। पार्टी का दावा है कि यह केवल महागठबंधन के दूसरे उम्मीदवार की हार नहीं, बल्कि महागठबंधन नेतृत्व और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ भी विश्वासघात है।
मुख्यमंत्री से जांच की उम्मीद, सहयोगी दलों से संयम बरतने की अपील
कांग्रेस विधायक दल ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महागठबंधन के नेता हैं और चुनावी रणनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में पार्टी को विश्वास है कि मुख्यमंत्री पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराएंगे और यदि किसी स्तर पर विश्वासघात हुआ है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। कांग्रेस ने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में है और चुनाव परिणामों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। ऐसे में सहयोगी दलों को सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए और तथ्यों के सामने आने का इंतजार करना चाहिए। कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि 2024 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को मिले प्रचंड जनादेश के बावजूद भाजपा समर्थित उम्मीदवार की जीत कई सवाल खड़े करती है। पार्टी ने इसे भाजपा की “सूटकेस राजनीति” का परिणाम बताते हुए कहा कि यह घटना महागठबंधन के सभी घटकों को भी अपने भीतर झांकने और राजनीतिक प्रबंधन की समीक्षा करने के लिए मजबूर करती है। कांग्रेस ने दोहराया कि उसकी प्रतिबद्धता झारखंड के लोगों, सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों और राज्य के विकास के प्रति है। पार्टी के अनुसार यह समय एक-दूसरे पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर आत्ममंथन करने और जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का है।


