ठाकुरगंज : मनमाने तरीके से सड़क किनारे फैंका जाता है बायोमेडिकल वेस्ट, कार्रवाई की मांग

किशनगंज,01जून(के.स.)। फ़रीद अहमद, पौआखाली नगर पंचायत क्षेत्र के शाशागाछी में निजी क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैब संचालकों की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। नियमों को ताक पर रखकर डे मार्केट रूट के मुख्य मार्ग किनारे खुलेआम बायोमेडिकल वेस्ट (चिकित्सकीय कचरा) फेंका जा रहा है। सड़कों पर बिखरी प्रयुक्त सिरिंज, संक्रमित ग्लव्स, दवाइयों के रैपर और अन्य घातक अपशिष्टों के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों पर संक्रमण का गंभीर खतरा मंडराने लगा है।
नियमों की धज्जियां, प्रशासन मौन:
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित निजी चिकित्सा संस्थान हर दिन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं। रात के अंधेरे या अलसुबह चुपके से इस कचरे को सड़क किनारे डंप कर दिया जाता है। तीव्र दुर्गंध और आवारा पशुओं द्वारा इस कचरे को फैलाने के कारण स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।
क्या कहता है कानून?
बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम के तहत किसी भी प्रकार के चिकित्सीय कचरे को खुले में फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसका वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारण अनिवार्य है, लेकिन पौआखाली में इन गाइडलाइंस की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
लोगों में भारी नाराजगी, कार्रवाई की मांग
सड़क किनारे जमा हो रहे इस मेडिकल वेस्ट से न केवल प्रदूषण फैल रहा है, बल्कि गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। जिम्मेदार विभाग द्वारा कोई सुध नहीं ली जा रही है।
लोगों की मांग उठने लगी है कि दोषी क्लीनिकों और पैथोलॉजी सेंटरों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की आवश्यकता है। मनमाने तरीके से सड़क किनारे खुलेआम बायोमेडिकल वेस्ट फैंका जाता है जो किसी भी तरीके से सही नहीं है अगर कोई व्यक्ति या फिर पशु उक्त बायोमेडिकल वेस्ट की वजह से संक्रमित बीमारी के चपेट में आता है तो आखिर इसका जिम्मेदार कौन होगा?



