नीतीश कुमार के विजन को नई गति दे रहा है ‘‘सहयोग शिविर’’ – अंजुम आरा

त्रिलोकी नाथ प्रसाद।जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अंजुम आरा ने जारी बयान में कहा कि बिहार की एनडीए सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘‘सहयोग शिविर’’ राज्य में सुशासन, जवाबदेही और जनसरोकार आधारित प्रशासन को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि यह अभियान माननीय नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच ‘‘साथ निश्चय पार्ट-3, सबका सम्मान, जीवन आसान’’ के विजन से प्रेरित है।
उन्होंने कहा कि ‘‘सहयोग शिविर’’ लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम साबित होगा। इससे सरकार और आम नागरिकों के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पारदर्शी एवं प्रभावी पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।
‘‘सात निश्चय’’ अभियान ने बिहार में विकास और सुशासन को नई दिशा दी है। युवाओं, महिलाओं तथा ग्रामीण समाज के सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। अब ‘‘सहयोग शिविर’’ उसी संकल्प को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने का मजबूत माध्यम बनकर सामने आया है।
इस पहल से आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान, योजनाओं की प्रभावी निगरानी तथा प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार में विकास और सुशासन की जो मजबूत नींव माननीय श्री नीतीश कुमार जी ने रखी, बिहार में मुख्यमंत्री श्री सम्राट चैधरी की सरकार उसी सोच और संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जनता के हित में लगातार जनकल्याणकारी कदम उठा रही है। ‘‘सहयोग शिविर’’ इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।
उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि यह पहल बिहार में जनसेवा, पारदर्शिता, जवाबदेही और सहभागी लोकतंत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी तथा राज्य के समग्र विकास को और अधिक गति प्रदान करेगी।


