किशनगंज : राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण, ट्रैफिक चालान और वैवाहिक विवादों का निष्पादन
किशनगंज,09मई(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर किशनगंज में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में पक्षकारों ने भाग लेकर अपने मामलों का निष्पादन कराया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत कुमार ने किया। उन्होंने न्यायिक पदाधिकारियों एवं पीठ सदस्यों से मामलों का उदारतापूर्वक एवं नियमानुसार निष्पादन करने की अपील की। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ओम शंकर ने पक्षकारों से शांतिपूर्ण ढंग से मामलों का समाधान कराने का आग्रह किया।
लोक अदालत के लिए कुल आठ पीठों का गठन किया गया था। विभिन्न न्यायिक पदाधिकारियों एवं पैनल अधिवक्ताओं की प्रतिनियुक्ति कर मामलों का निष्पादन कराया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में व्यवहार न्यायालय के कुल 143 मामलों का निपटारा हुआ। इनमें 99 अपराधिक शमनीय मामले, एक प्ली बार्गेनिंग मामला, एनआई एक्ट के एक मामले में 1 लाख 96 हजार रुपये का समझौता, बाल मजदूरी के एक मामले में 20 हजार रुपये जुर्माना तथा विद्युत विभाग के 40 मामलों का निष्पादन शामिल है। एक वैवाहिक विवाद का भी आपसी सहमति से समाधान कराया गया।
इसके अलावा बैंक ऋण से जुड़े 316 मामलों में कुल 1 करोड़ 43 लाख 69 हजार 832 रुपये की समझौता राशि तय की गई। वहीं ट्रैफिक चालान के 89 मामलों में 3 लाख 3 हजार 500 रुपये तथा टेलीफोन बिल के पांच मामलों में 5 हजार 507 रुपये का समझौता हुआ।
ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों का निष्पादन शहीद अशफाकउल्लाह खां स्टेडियम, खगड़ा में आयोजित विशेष शिविर में किया गया। इस दौरान विशेष न्यायाधीश, उत्पाद न्यायालय प्रथम किशनगंज नीरज किशोर सिंह उपस्थित रहे।
लोक अदालत में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पक्षकारों की भारी भीड़ देखी गई। पक्षकारों की सुविधा के लिए सहायता केंद्र बनाए गए थे तथा प्रत्येक पीठ में अधिकार मित्र की प्रतिनियुक्ति की गई थी। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं व्यवहार न्यायालय कर्मियों की सक्रिय भूमिका रही।



