केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे घूम घूम कर पूरे बिहार में करेंगे मौन धरना।

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बक्सर में 24 घंटे में दो बार हुए हमले का प्रयास : अश्विनी चौबे

बक्सर में किसानों को बदनाम करने की साजिश रची गई : अश्विनी चौबे

प्रेस वार्ता में परशुराम चतुर्वेदी के निधन की खबर सुन फूट फूटकर रोए अश्विन चौबे

जान मारने की रची गई साजिश : चौबे

 

पटना, 16 जनवरी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र बक्सर में 24 घंटे के अंदर दो बार हमले का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यह कुत्सित प्रयास सत्ता संरक्षित गुंडों और अराजक तत्वों द्वारा किया गया।

 

उन्होंने बक्सर के चौसा में हुई हिंसक घटनाओं को किसानों को बदनाम करने की साजिश बताते हुए कहा कि इस षडयंत्र का खुलासा होना चाहिए।

 

पटना के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन मे उन्होंने कहा कि किसानों पर हुए पुलिसिया जुर्म और चौसा में हुई हिंसक घटनाओं के विरोध में वे जब बक्सर में 24 घंटे के उपवास पर बैठे थे तब सत्ता संपोषित गुंडों ने उनपर हमले करने की कोशिश की।

 

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और सुरक्षा गार्डों ने किसी तरह दो से तीन लोगों को पकड़कर थाने में ले गए। स्थिति यह है कि वहां से उन लोगों को छोड़ दिया गया और मेरे लोगों को एक पुलिस अधिकारी द्वारा यह कहा गया कि मंत्री जी अपना काम कर रहे है और ये अपना काम कर रहे हैं।

 

श्री चौबे ने भावुक होते हुए कहा कि ताप विद्युत परियोजना मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है। यहां किसानों के घरों में घुसकर पुलिसिया जुर्म ढाया गया। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि मैं शुरू से कह रहा हूं कि बिना किसानों के वार्ता में शामिल किए बिना उनकी समस्या का हल नहीं होगा, लेकिन मेरी बातें नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा कि आखिर किसानों की बाते क्यों नहीं सुनी गई।

 

उन्होंने कहा कि आतंकवादी की तरह किसानों पर जुर्म ढाए गए, बहन बेटियों के साथ दुव्यवहार किया गया।

 

उन्होंने कहा कि किसान प्लांट के बाहर धरने पर बैठे थे और किसान को बदनाम करने के लिए प्लांट के अंदर वाहन जलाए जा रहे थे। इसके बाद जब सीएम नीतीश कुमार से पूछा जाता है तो कहते है कि उन्हें जानकारी नहीं, उप मुख्यमंत्री कहते है कि पता लगवा रहा हूं और जिलाधिकारी कहते हैं कि सुबह इसकी जानकारी हुई है।

 

उन्होंने कहा कि इसके बाद समझा जा सकता है कि बक्सर में क्या हो रहा था। उन्होंने कहा कि जिस तरह बक्सर की घटना हुई है, किसानों पर जुर्म हुआ है, उससे बिहार शर्मसार हुआ है।

 

श्री चौबे ने मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें जेपी आंदोलन का कुछ भी वसूल शेष बचा है तो कायरता छोड़कर मामले की हकीकत जाने।

 

उन्होंने यह भी कहा कि कल रात भी दुर्घटना हुई जिसमे वे बाल बाल बच गए, लेकिन पुलिस के जवानों को चोट आई है।

 

इस संवाददाता सम्मेलन के दौरान ही श्री चौबे को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और पिछले विधानसभा चुनाव बक्सर से प्रत्याशी परशुराम चतुर्वेदी के निधन की खबर मिल गई। इसके बाद सम्मेलन में ही केंद्रीय मंत्री फूट फूटकर रोए। रोते हुए उन्होंने कहा श्री चतुर्वेदी चार दिनों से मेरे साथ थे। उपवास कार्यक्रम में भी वे साथ बैठे थे। आज आक्रोश मार्च में भी वे शामिल थे और उसी दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्होंने चतुर्वेदी के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया।

इस संवाददाता सम्मेलन में भाजपा प्रदेश मुख्यालय प्रभारी सुरेश रूंगटा प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धार्थ शंभू, प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश कुमार सिंह , अशोक भट्ट, राजेश कुमार झा भी उपस्थित रहे।