ताजा खबर

*गांधी मैदान में बागवानी महोत्सव का दूसरा दिन उत्साहपूर्ण, किसानों एवं युवाओं की रही खास सहभागिता

*तकनीकी सत्रों में वैज्ञानिकों ने फसल विविधीकरण और आधुनिक बागवानी पर दिया मार्गदर्शन

*मखाना, प्याज, औषधीय पौधों और संरक्षित खेती पर विशेष चर्चा

*बागवानी से आय वृद्धि, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बिहार अग्रसर : कृषि मंत्री

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/माननीय कृषि मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने बताया कि गांधी मैदान, पटना में आयोजित बागवानी महोत्सव के दूसरे दिन किसानों, उद्यमियों, युवाओं एवं आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। महोत्सव का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फसल विविधिकरण एवं बागवानी आधारित कृषि की ओर प्रेरित करना है, जिसमें आधुनिक तकनीक, नवाचार और बाजार से जुड़ी जानकारियाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

माननीय मंत्री ने बताया कि आज के कार्यक्रम में किसानों के लिए विशेष तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें देश के प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। “फसल विविधिकरण: पारंपरिक खेती बनाम बागवानी फसलें” विषय पर डॉ राजेंद्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के वैज्ञानिक डॉ नीरज ने विस्तार से जानकारी दी। वहीं विदेशी फसलों की उत्पादन तकनीक एवं संरक्षित खेती पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के वैज्ञानिकों तथा माँ एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड के विशेषज्ञों श्रीमती संगीता, श्री एस के सिंह एवं श्री दिलीप महाराज ने मार्गदर्शन किया।

उन्होंने बताया कि मखाना के प्रसंस्करण एवं विपणन पर भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती पर सी आई एम ए पी , लखनऊ के वैज्ञानिक डॉ राकेश कुमार तथा प्याज की वैज्ञानिक खेती पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के वैज्ञानिक डॉ एम डी ओझा ने उपयोगी जानकारियाँ दीं।

इसके अतिरिक्त “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई के लाभों पर श्री अवनीश कुमार भी चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों एवं उद्यान विभाग के पदाधिकारियों के साथ किसानों का संवाद, चित्रकला प्रतियोगिता, क्विज एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिससे महोत्सव और अधिक जीवंत बन गया।

कृषि मंत्री ने बताया कि महोत्सव स्थल पर कुल 60 सुव्यवस्थित काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहाँ किसानों एवं आगंतुकों को बागवानी क्षेत्र से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं, नवीनतम तकनीकी नवाचारों तथा उत्पादों की समग्र, प्रामाणिक और व्यावहारिक जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही आगंतुक इन काउंटरों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले बागवानी उत्पादों की खरीदारी भी उत्साहपूर्वक कर रहे हैं। इन दो दिनों के दौरान उद्यानिकी पौधों एवं बागवानी उत्पादों की कुल 13.5 लाख रुपये की बिक्री दर्ज की गई।

माननीय मंत्री ने बताया कि किसानों, उद्यमियों और युवाओं को बागवानी से जुड़ी नवीनतम तकनीकों, उन्नत पौध सामग्री तथा फल-सब्ज़ी उत्पादन, प्रसंस्करण, संरक्षण और विपणन की आधुनिक प्रणालियों से अवगत कराने के उद्देश्य से यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। यह महोत्सव बागवानी क्षेत्र में ज्ञान, नवाचार और नए अवसरों को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा।

महोत्सव में सब्ज़ी, मशरूम, फल, फल संरक्षण उत्पाद, शहद, पान के पत्ते, शोभाकार एवं पत्तीदार पौधे, बोनसाई, जाड़े के मौसमी फूल, कैक्टस एवं सक्युलेंट, विभिन्न किस्मों के पाम, कटे फूल, कलात्मक पुष्प सज्जा तथा औषधीय एवं सुगंधित पौधों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है। आमजनों और विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से बागवानी को रोजगार एवं स्वरोजगार का प्रभावी साधन बनाया जा रहा है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए भी आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। माननीय मंत्री ने सभी से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस महोत्सव में भाग लें और बागवानी के माध्यम से समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ें।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!