राष्ट्रीय लक्ष्य प्रमाणीकरण की ओर बढ़ते कदम: सदर अस्पताल किशनगंज पूरी तैयारी में
गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने की दिशा में सराहनीय प्रयास

किशनगंज,26अगस्त(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता अब केवल एक आवश्यकता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का आधार बन चुकी है। इसी क्रम में राष्ट्रीय लक्ष्य प्रमाणीकरण (LaQshya) कार्यक्रम के तहत किशनगंज सदर अस्पताल लगातार दो वर्षों से लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित हो चुका है। अब एक बार फिर अस्पताल पुनः प्रमाणीकरण की तैयारी में जुट गया है, जिससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिल सके।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, आगामी 1 और 2 सितंबर को राज्य स्तर से एक्सटर्नल असेसर द्वारा निरीक्षण और मूल्यांकन किया जाएगा। इसके तहत अस्पताल के सभी विभागों, प्रक्रियाओं, स्वच्छता, संसाधन उपयोग और मरीज संतुष्टि जैसे पहलुओं का गहन निरीक्षण किया जाएगा।
“किशनगंज को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना लक्ष्य”
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि यह सिर्फ सदर अस्पताल की नहीं, बल्कि पूरे जिले की उपलब्धि है। लगातार दो वर्षों तक प्रमाणीकरण मिलना पूरी टीम की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। इस बार भी लक्ष्य है कि अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट रैंकिंग मिले और किशनगंज को देशभर में पहचान मिले।
डीएम ने दी बधाई, कहा- “जनता को होगा सीधा लाभ”
जिलाधिकारी विशाल राज ने अस्पताल टीम को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी जिले के विकास की बुनियाद हैं। लक्ष्य प्रमाणीकरण से जनता का भरोसा बढ़ता है और महिलाओं को सुरक्षित प्रसव एवं शिशुओं को बेहतर देखभाल की गारंटी मिलती है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा।
टीमवर्क और निरंतर सुधार पर ज़ोर
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन ने बताया कि पुनः प्रमाणीकरण के लिए व्यापक तैयारी की जा रही है। सभी विभागों को जिम्मेदारियाँ दी गई हैं और नियमित समीक्षा हो रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी अस्पताल राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरेगा।
प्रभारी डीक्यूएसी सुमन सिन्हा ने कहा कि लक्ष्य प्रमाणीकरण की सबसे बड़ी विशेषता इसकी “निरंतर सुधार” की प्रक्रिया है। सफाई, संसाधनों का कुशल उपयोग, मरीज संतुष्टि और गुणवत्ता मानकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
“यह केवल प्रमाणपत्र नहीं, जनता के स्वास्थ्य का वादा है”
डॉ. चौधरी ने अंत में कहा कि यह प्रमाणीकरण केवल कागजी उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रत्येक गर्भवती महिला और नवजात शिशु की सुरक्षा का वादा है। प्रशासन से लेकर अस्पताल प्रबंधन तक सभी एक ही लक्ष्य की ओर कार्य कर रहे हैं—सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु के लिए श्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना।