बीते दिनों पटना के 16 वर्षीय मोनू कुमार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। IGIMS, पटना में उपचार के दौरान उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया।

श्रुति मिश्रा/IGIMS, पटना में उपचार के दौरान उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। इस असहनीय दुःख की घड़ी में भी उनके परिजनों ने असाधारण संवेदनशीलता और साहस का परिचय देते हुए स्वेच्छा से उनका लिवर एवं दोनों किडनी दान करने का निर्णय लिया।
यह मामला मेरे संज्ञान में आते ही मैंने IGIMS, पटना के निदेशक एवं लिवर ट्रांसप्लांट विभाग के विभागाध्यक्ष को अंगदान की प्रक्रिया में होने वाले सभी आवश्यक खर्चों की व्यवस्था करने तथा पूर्व घोषित निर्णय के अनुरूप लिवर ट्रांसप्लांट पर बिहार सरकार की तरफ से प्रति मरीज 15 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया।
मोनू कुमार के इस महादान से तीन जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिला। इनमें IGIMS, पटना में 19 वर्षीय युवती का सफल लिवर प्रत्यारोपण, एक अन्य मरीज का किडनी प्रत्यारोपण तथा AIIMS, पटना में एक मरीज का किडनी प्रत्यारोपण किया गया।
इस पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में IGIMS की ब्रेन डेथ कमेटी, SOTTO बिहार, NOTTO दिल्ली, ROTTO कोलकाता तथा IGIMS एवं AIIMS, पटना की चिकित्सकीय टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस पुनीत कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाली पूरी चिकित्सकीय टीम को हार्दिक बधाई । वहीं, मोनू कुमार के परिजनों के इस साहसिक और मानवता से परिपूर्ण निर्णय को सादर नमन।
अंगदान महादान है। एक व्यक्ति का अंगदान कई जिंदगियों को नई उम्मीद दे सकता है। ईश्वर दिवंगत मोनू कुमार की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

