दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले सामान्य विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाना चाहिए – विनीत पांडे

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केवल सच – पलामू

मेदनीनगर – अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पलामू द्वारा स्थानीय प्रमंडलीय कार्यालय,गणपति धर्मशाला में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय द्वारा आगामी अक्टूबर माह में आयोजित होने जा रही दूसरी दीक्षांत समारोह को सिर्फ विश्वविद्यालय कैंपस एवं कुछ शिक्षकों एवं छात्रों तक सीमित करने का तय किया हुआ है।

राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य विनीत पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दीक्षांत समारोह में 130 टॉपर्स को शामिल करने एवं 69 लाख बजट का बात कहा गया था। चूंकि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के द्वारा दिये जाने वाले विभिन्न शुल्क से आयोजित होगी,तो अभाविप का स्पष्ट मानना है कि दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले सामान्य विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाना चाहिए एवं समारोह को पारदर्शिता के साथ आयोजन किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने समय समय पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व विभिन्न कार्यक्रमों में करते हैं उसके बाद भी वैसे छात्रों को दीक्षांत समारोह में शामिल नही किया जा रहा है। दीक्षांत समारोह के लिए डी.एस.डबलू के आदेश पर कल्चरल प्रोग्राम की भी तैयारी की गई थी और विद्यार्थियों को भी विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए कहा गया था लेकिन अब महामहिम राज्यपाल की सुरक्षा को हवाला देकर इस कार्यक्रम को भी रद्द कर दिया गया जिससे भाग लेने वाले विद्यार्थियों में मायूसी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दीक्षांत समारोह संचालन हेतु बनी विभिन्न कमिटी तक को सार्वजनिक नही किया है। विश्वविद्यालय द्वारा टॉपर्स का भी पंजीयन शुल्क सहित किया जा रहा है।

विभाग संयोजक मंजुल शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दीक्षांत समारोह को लेकर की गई निविदा में भी कई तरह की अनिमियतता देखने को मिल रही है। जिसमें समारोह के लिए टेंट,साउंड एवं लाइट और प्रिंटिंग मटेरियल के लिए जारी टेंडर को बिना रद्द किए पुनः उसी निविदा को कोटेशन के रूप में मांगा गया। विश्वविद्यालय को यह बताना चाहिए कि प्रारंभिक स्तर पर ऐसा क्या हुआ जो पुनः निविदा को कोटशन के रूप में निकाला गया ? सिर्फ 130 टॉपर्स के लिए आयोजित कार्यक्रम को करने के लिए इतनी वृहद राशि का बजट क्यों तैयार किया गया ? विश्वविद्यालय प्रशासन को उनके द्वारा समारोह हेतु तैयार प्राक्कलन की राशि को मद वार सार्वजनिक करना चाहिए,चूंकि समारोह में लगने वाला पैसा विद्यार्थियों का है और पैसे पर विद्यार्थियों का प्रथम अधिकार है। आखिर ऐसी क्या विषम परिस्थिति उत्पन्न हो गयी कि विश्वविद्यालय इस दीक्षांत समारोह के लागत हेतु आने वाली राशि की स्थिति को क्यों नही स्पष्ट करती है ? क्या यह मान लिया जाए कि विश्वविद्यालय की समारोह के आयोजन के आड़ में बहुत बड़े भ्रष्टाचार का खेल खेलने वाली है ? यह भी लगता है कि बार बार एक हि कार्य के लिए निविदा निकलना कहीं न कहीं विश्वविद्यालय में कई वर्षों से एक हि जगह पर कार्य कर रहे कर्मचारियों और पदाधिकारियों  की भी अहम् भूमिका है। विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय पर आरोप नही लगा रही है बल्कि मांग कर रही है कि विश्वविद्यालय अगर इतनी ईमानदार है तो सार्वजनिक रूप से बताए कि इतनी बड़ी राशि का बजट किस मद में और कहां व्यय हो रही है ? अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा प्रेस कांफ्रेंस किया गया, प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग संयोजक मंजूल शुक्ल,राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य विनीत पांडे, जिला संयोजक अभय वर्मा,जिला सह संयोजक रोहित देव,जिला सोशल मीडिया प्रमुख राजन कश्यप,नगर मंत्री रामाशंकर पासवान,सह मंत्री अभिषेक रवी, नितीश दूबे,राहुल कुमार चेरो आदि कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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