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बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने “इस्लामी नववर्ष एवं मुहर्रम (यौम-ए-आशूरा) के पवित्र अवसर पर हज़रत इमाम साहब और कर्बला के शहीदों की महान कुर्बानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया है।
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/हज़रत इमाम हुसैन साहब की कुर्बानी न्याय, सच्चाई, समानता और मानवीय गरिमा की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। मुहर्रम हमें समाज में शांति, करुणा, आपसी सौहार्द,सहिष्णुता और भाईचारे को सुदृढ़ करने का संदेश देता है।


