किशनगंज : सीमावर्ती गांवों में शिक्षा, सड़क, कटाव व संचार व्यवस्था होगी मजबूत
डीएम ने धनतोला, डोरिया व पांचगाछी का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

किशनगंज, 23 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2.0 के तहत जिलाधिकारी नवीन कुमार ने बुधवार को दिघलबैंक प्रखंड की धनतोला पंचायत के सीमावर्ती राजस्व ग्राम धनतोला, डोरिया एवं पांचगाछी का स्थलीय भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं और आधारभूत संरचनाओं का निरीक्षण कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया तथा उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
धनतोला स्थित मॉडल विद्यालय के निरीक्षण के दौरान डीएम ने शैक्षणिक व्यवस्था, पठन-पाठन तथा भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान प्रयोगशालाओं का जायजा लिया। प्रधानाध्यापक ने विद्यालय में आईसीटी लैब की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। डीएम ने विद्यालय और खेल मैदान के विकास के साथ मैदान में जरूरत के अनुसार मिट्टी भराई व समतलीकरण तथा परिसर में पौधरोपण कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने युवाओं को खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। सेना, अर्द्धसैनिक बल व पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को एसएसबी के सहयोग से शारीरिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। डीएम ने क्षेत्र स्थित एसएसबी कैंप का भ्रमण कर जवानों का उत्साहवर्धन किया।
धनतोला में मंदिर के समीप बने ग्रामीण हाट का निरीक्षण कर उसे नियमित रूप से संचालित कराने, अतिक्रमण हटाने तथा हाट तक सुगम आवागमन के लिए मिट्टी भराई और पहुंच पथ निर्माण का निर्देश दिया।
डोरिया में ग्रामीणों ने बूढ़ी कनकई नदी से हो रहे कटाव की समस्या बताते हुए कटावरोधी कार्य व बोल्डर पिचिंग की मांग रखी। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को स्थल का आकलन कर कार्रवाई करने को कहा। ग्रामीणों ने डोरिया से बिहार टोला तक करीब 2-3 किलोमीटर कच्ची सड़क के पक्कीकरण की मांग भी रखी।
वार्ड संख्या-16 में झूलते बिजली तार, पीसीसी सड़क और कमजोर मोबाइल नेटवर्क की समस्या से भी डीएम को अवगत कराया गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय सीमा के नो-मैन्स लैंड पर अतिक्रमण का सर्वे कर कार्रवाई का निर्देश अंचलाधिकारी को दिया गया। ग्रामीणों ने जंगली हाथियों से फसल क्षति की समस्या भी रखी। डीएम ने कहा कि सीमावर्ती गांवों में शिक्षा, सड़क, संचार, खेल, आजीविका और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना प्राथमिकता है।



