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*बाढ़ से क्षतिग्रस्त फसलों के लिए कृषि इनपुट अनुदान-2026 के लिए 23 सितंबर से आवेदन*

18 जिलों के 84 प्रखंडों की 653 प्रभावित पंचायतों के किसान कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

अधिकतम दो हेक्टेयर तक अनुदान का प्रावधान, रैयत एवं गैर-रैयत दोनों किसानों को मिलेगा लाभ~ श्री विजय कुमार सिन्हा*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में अतिवृष्टि तथा विभिन्न नदियों के बाँधों के फाटक खोले जाने के कारण नदियों के जलस्तर में हुई अप्रत्याशित वृद्धि से आई बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त फसलों के लिए कृषि इनपुट अनुदान-2026 के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 23 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगी। प्रभावित किसान 29 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर कृषि इनपुट अनुदान का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रभावित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रतिवेदित क्षति के आधार पर 18 जिलों के 84 प्रखंडों की 653 पंचायतों के प्रभावित किसानों को कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ दिया जाएगा। इन पंचायतों के वैसे किसान, जिनकी फसल बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई है, निर्धारित अवधि में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

*कृषि इनपुट अनुदान की दर*

वर्षाश्रित (असिंचित) फसल क्षेत्र के लिए ₹8,500 प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए ₹17,000 प्रति हेक्टेयर तथा शाश्वत/बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) के लिए ₹22,500 प्रति हेक्टेयर की दर से कृषि इनपुट अनुदान देय होगा। यह अनुदान अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए देय होगा।

किसानों को असिंचित क्षेत्र के लिए न्यूनतम ₹1,000, सिंचित क्षेत्र के लिए न्यूनतम ₹2,000 तथा शाश्वत/बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) के लिए न्यूनतम ₹2,500 अनुदान देय होगा।

*रैयत एवं गैर-रैयत दोनों किसानों को मिलेगा लाभ*

कृषि इनपुट अनुदान सभी पंजीकृत रैयत एवं गैर-रैयत किसानों को देय होगा।

रैयत किसान/किसान परिवार के लिए अद्यतन अथवा वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 का LPC/लगान रसीद मान्य होगा। वहीं, गैर-रैयत किसान परिवार के लिए जनप्रतिनिधि (वार्ड सदस्य/मुखिया/सरपंच) एवं कृषि समन्वयक द्वारा प्रमाणित स्वघोषित प्रमाण पत्र मान्य होगा। स्वघोषित प्रमाण पत्र का प्रारूप डी०बी०टी० पोर्टल पर उपलब्ध है, जिसे किसान डाउनलोड कर प्राप्त कर सकते हैं।

माननीय मंत्री ने बताया कि किसान कृषि विभाग, बिहार सरकार के DBT Agriculture Portal पर अपनी 13 अंकों की पंजीकरण संख्या का उपयोग कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

माननीय कृषि मंत्री ने प्रभावित किसानों से अपील की कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना आवेदन अवश्य करें तथा आवेदन के लिए किसी अनधिकृत व्यक्ति अथवा बिचौलिये की सहायता न लें। आवेदन अथवा योजना से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी के लिए किसान हेल्पलाइन सेंटर के टॉल-फ्री नंबर 1800-180-15551 अथवा संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

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