शीतलहर/ ठंड से बचाव हेतु जिला प्रशासन, बाँका के द्वारा सलाह (Advisory) जारी की गई

शीतलहर/ ठंड से बचाव हेतु जिला प्रशासन, बाँका के द्वारा सलाह (Advisory) जारी की गई।
👉 राज्य में ठंड के मौसम में सामान्यता दिसम्बर माह के अन्तिम सप्ताह से जनवरी माह के तीसरे सप्ताह तक शीतलहर का प्रकोप रहता है। यदि तापमान 7° सेल्सियस से कम हो जाए तो इसे शीतलहर की स्थिति माना जाता है। शीतलहर से मानव एवं पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ता है। शीतलहर से बचाव हेतु जनसंधारण को निम्नानुसार सलाह दी जाती है।
👉 शीतलहर/ठंड से बचाव के उपाय:
1) अनावश्यक घर से बाहर न जाए और यथासंभव घर के अन्दर सुरक्षित रहें (विशेष कर वृद्ध एवं बच्चें)।
2) यदि घर से बाहर जाना आवश्यक हो तो समुचित ऊनी एवं गर्म कपड़े पहन कर ही निकलें।
3) समाचार पत्र/रेडियों/टेलीविजन के माध्यम से मौसम की जानकारी लेते रहें।
4) शरीर में उष्मा के प्रभाव को बनाए रखने के लिए पौष्टिक एवं गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें।
5) जिला प्रशासन शीतलहर के समय रात्रि में सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था करती है, जिसका लाभ उठाकर शीतलहर से बचा जा सकता है।
6) हिटर/ब्लोअर आदि का प्रयोग करने के बाद स्विच ऑफ करना न भूलें। अन्यथा यह जानलेवा हो सकता है।
7) उच्च रक्तचाव एवं मधुमेह के मरीज तथा हृदय रोगी चिकत्सक की सलाह जरूर लेते रहें तथा सामान्यता धूप होने पर ही घर से बाहर निकलें।
8) हिटर/ब्लोअर आदि का प्रयोग करने के बाद स्विच ऑफ करना न भूलें। अन्यथा यह जानलेवा हो सकता है।
9) विशेष परिस्थिति में अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल से अविलम्ब चिकित्सा परामर्श लें।
10) पशुओं के बथान गर्म रखने की समुचित व्यवस्था करें।
11) पशुओं को ठंड लगने पर पशु अस्पताल/ पशु चिकित्सक की सलाह लें।



