ठाकुरगंज : सड़क किनारे बेहोश मिले सीएसपी संचालक की संदिग्ध मौत
नशीला पदार्थ देकर लूटपाट की आशंका, एसडीपीओ-2 के नेतृत्व में एसआईटी गठित

किशनगंज, 23 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह/फ़रीद अहमद, सुखानी थाना क्षेत्र में बुधवार को सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिले सीएसपी संचालक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान मीरभिट्टा निवासी 37 वर्षीय तौहीद आलम के रूप में हुई है। वह लोहागाड़ा में सीएसपी का संचालन करते थे। परिजनों ने आशंका जताई है कि बदमाशों ने नशीला पदार्थ खिलाकर उनके साथ लूटपाट की और बेहोशी की हालत में सड़क किनारे छोड़ दिया। हालांकि, मृतक के पास से कितनी राशि गायब हुई है, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, तौहीद आलम बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे एटीएम और बैंक जाने की बात कहकर घर से निकले थे। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान सुखानी थाना क्षेत्र में सड़क किनारे वह बेहोशी की हालत में मिले। परिजन उन्हें तत्काल पौआखाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें किशनगंज सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ-2 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई। एसडीपीओ-2 और सुखानी थानाध्यक्ष मन्नू कुमारी घटनास्थल पर पहुंचीं और मामले की जानकारी ली। पुलिस टीम ने सदर अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों का बयान भी दर्ज किया।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि घटना के दौरान एक बाइक पर सवार तीन लोग वहां पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस के अनुसार, मृतक के शरीर पर किसी तरह के चोट या जख्म के निशान नहीं मिले हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
एसपी संतोष कुमार ने बताया कि घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एसडीपीओ-2 के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई है। नशीला पदार्थ खिलाकर लूटपाट किए जाने की आशंका समेत सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। पुलिस मामले का जल्द खुलासा करने के लिए जांच में जुटी है।
मृतक के परिजन से गहराई से पूछने पर चौंकाने वाला तथ्य आया सामने
एसपी संतोष कुमार ने बताया कि घटना के बाद जांच के क्रम में मृतक के परिजनों से गहराई से कई जानकारियां ली गई। साथ ही बैंक के खाते की जांच भी करवाई गई। जांच में यह बातें सामने आई है की मृतक व्यक्ति घर से बैंक जाने की बात बोलकर ही निकला था, लेकिन बैंक या एटीएम से मृतक के द्वारा बुधवार को रुपए की निकासी नहीं की गई थी। यह बैंक में की गई जांच में पता चला है। एसपी संतोष कुमार ने बताया कि मृतक को इंजेक्शन देने जैसी बात अब तक स्पष्ट नहीं हुई है। एसआईटी आगे सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।



