*संग्रहालय केवल देखने की जगह नहीं, शोध एवं ज्ञान का केंद्र भी बने: डॉ. प्रमोद कुमार*
* पटना संग्रहालय में नवनियुक्त सहायक संग्रहालयाध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

* कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने किया Orientation-cum-Training Programme का उद्घाटन
* 22 से 24 सितंबर तक प्रशिक्षण में संग्रहालय संरक्षण, प्रबंधन एवं पुरातत्व से जुड़े विषयों पर दिया जा रहा प्रशिक्षण
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटना। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार द्वारा पटना संग्रहालय में नवनियुक्त सहायक संग्रहालयाध्यक्षों के लिए 22 से 24 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय Orientation-cum-Training Programme आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय मंत्री, कला एवं संस्कृति विभाग, डॉ. प्रमोद कुमार ने किया। इस अवसर पर विभागीय सचिव श्री प्रणव कुमार, भा.प्र.से. संग्रहालय निदेशक श्री कृष्ण कुमार, भा.प्र.से. एवं सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक श्रीमती रूबी, भा.प्र.से. उपस्थित रहीं।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने नवनियुक्त सहायक संग्रहालयाध्यक्षों से अपील की कि वे संग्रहालयों के प्रति लोगों को आकर्षित करने के लिए कार्य करें, ताकि संग्रहालय केवल देखने की जगह न रहकर शोध का क्षेत्र भी बन सके। उन्होंने कहा कि सरकार संग्रहालयों के विकास के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। अब अधिकारियों को संग्रहालयों को आगे ले जाने की दिशा में गंभीरता से कार्य करना चाहिए।
विभागीय सचिव श्री प्रणव कुमार, भा.प्र.से. ने कहा कि संग्रहालय हमारी संस्कृति को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से नवनियुक्त सहायक संग्रहालयाध्यक्षों में व्यावहारिक अनुभव, जानकारी एवं विषय की बेहतर समझ विकसित होगी। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका उद्देश्य संग्रहालय संरक्षण, प्रबंधन एवं पुरातत्व से संबंधित आवश्यक जानकारी और कौशल प्रदान करना है।
उद्घाटन सत्र के उपरांत संग्रहालय निदेशक श्री कृष्ण कुमार द्वारा संग्रहालय से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान संग्रहालयों में संरक्षण की समस्याएं, संग्रहालय वस्तुओं का Preventive Conservation तथा Museum एवं Archaeology से संबंधित कानूनों के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर संयुक्त सचिव श्री महमूद आलम, अपर निदेशक डा. अशोक कुमार सिन्हा, उप सचिव श्रीमती वंदना सिन्हा, अपर निदेशक, बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय, डॉ. विमल तिवारी, अपर निदेशक डॉ. शंकर सुमन, अपर निदेशक डॉ. विनय कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त सहायक संग्रहालयाध्यक्षों को संग्रहालयों के संरक्षण, प्रबंधन एवं पुरातत्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में संग्रहालयों की गतिविधियों को और प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें।



