किशनगंज : मलेशिया में हिरासत में लिए सीमांचल के युवाओं की रिहाई के लिए पूर्व विधायक ने उच्चायोग से लगाई गुहार
किशनगंज, 11 सितंबर (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, मलेशिया के सेनाई, जोहोर में इमिग्रेशन एवं पुलिस की कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए सीमांचल के 20-25 युवाओं की पहचान सुनिश्चित कराने और उनकी जल्द रिहाई के लिए पूर्व विधायक कोचाधामन मुजाहिद आलम ने भारतीय उच्चायोग, कुआलालंपुर को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पूर्व विधायक के .अनुसार अब तक हिरासत में लिए गए 11 युवाओं की पहचान सुनिश्चित हो पाई है। इनमें पांच किशनगंज और छह पूर्णिया जिले के रहने वाले बताए गए हैं।
पूर्व विधायक ने उच्चायुक्त को भेजे पत्र में बताया है कि संबंधित युवाओं को मलेशिया के जोहोर स्थित सेनाई क्षेत्र में एक कंपनी में बिना वैध वर्क परमिट के काम करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। इनमें अधिकांश गरीब परिवारों से आने वाले मजदूर हैं, जो रोजगार की तलाश में मलेशिया गए थे। युवाओं के हिरासत में लिए जाने के बाद उनके परिजन उनकी सुरक्षा, कानूनी स्थिति और वर्तमान ठिकाने को लेकर चिंतित हैं।
पत्र के माध्यम से भारतीय उच्चायोग से हिरासत में लिए गए सभी भारतीय नागरिकों की पूरी सूची प्राप्त कर उनके वर्तमान स्थान और कानूनी स्थिति का पता लगाने का आग्रह किया गया है। साथ ही बंदियों को कांसुलर सहायता उपलब्ध कराने तथा अधिकारियों द्वारा उनकी कल्याणकारी मुलाकात सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
पूर्व विधायक ने उच्चायोग से मलेशियाई इमिग्रेशन अधिकारियों के साथ समन्वय कर युवाओं को आवश्यक कानूनी सहायता दिलाने और उनके बुनियादी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत संभव होने पर मानवीय आधार पर उनके मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र रिहाई अथवा निर्वासन के माध्यम से भारत वापसी की प्रक्रिया तेज कराने की मांग की है।
पत्र में युवाओं की सुरक्षित स्वदेश वापसी के लिए यात्रा दस्तावेज और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं में सहायता करने का भी अनुरोध किया गया है। साथ ही यदि जांच में रोजगार या मलेशिया भेजने में किसी एजेंट अथवा बिचौलिये की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पूर्व विधायक ने इसे मानवीय मामला बताते हुए भारतीय उच्चायोग से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।



