*अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में 300 छात्र-छात्राओं के लिए शुरू हुई दीदी की रसोई*
ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री ने कहा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जीविका के प्रयासों का महत्वपूर्ण उदाहरण
*त्रिलोकी नाथ प्रसाद।नालंदा के बिहारशरीफ शहर स्थित अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत लगभग 300 छात्र-छात्राओं को शुद्ध, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति–जीविका की ओर से दीदी की रसोई का भव्य शुभारंभ किया गया।
दीदी की रसोई का उद्घाटन बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार ने किया। इस अवसर पर नालंदा के सांसद श्री कौशलेन्द्र कुमार और उप विकास आयुक्त सुश्री सारा अशरफ बतौर अतिथि उपस्थित रहीं। इस रसोई के संचालन की जिम्मेदारी जीविका से जुड़ी महिलाओं को सौंपी गई है। रसोई में लगभग 12 जीविका दीदियां भोजन तैयार करने से लेकर छात्र-छात्राओं को भोजन परोसने एवं खिलाने तक की जिम्मेदारी संभालेंगी। वहीं, लगभग 8 जीविका दीदियां साफ-सफाई एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों का दायित्व निभाएंगी।
दीदी की रसोई के माध्यम से जहां आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं को स्वच्छ वातावरण में पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध होगा, वहीं जीविका से जुड़ी महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका एवं आर्थिक सशक्तीकरण का अवसर भी प्राप्त होगा। माननीय मंत्री श्री कुमार ने रसोई में कार्यरत सभी जीविका दीदियों से संवाद किया और उन्हें अपने कार्य में दक्षता हासिल करते हुए साफ़ सफाई और भोजन की गुणवत्ता को बनाए रखने का निर्देश दिया। साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए शुभकामनाएं दी।
माननीय मंत्री ने कहा कि यह पहल ग्रामीण एवं वंचित समुदायों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं उनके कौशल को आजीविका के स्थायी साधन में बदलने की दिशा में जीविका के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। दीदी की रसोई के माध्यम से पोषण, स्वच्छता और महिला सशक्तीकरण—तीनों लक्ष्यों को एक साथ साधने का प्रयास किया गया है। इस अवसर पर जीविका की ओर से जिला परियोजना प्रबंधक श्री संजय प्रसाद पासवान, संस्था निर्माण प्रबंधक राम पुकार, संचार प्रबंधक संतोष कुमार, मानव संसाधन प्रबंधक बिनीत रंजन, अधिप्राप्ति प्रबंधक श्रीमती प्रिया कुमारी, प्रखंड परियोजना प्रबंधक सुधीर कुमार दुबे, क्षेत्रीय समन्वयक राहुल प्रियदर्शी के साथ अन्य जीविकाकर्मी मौजूद रहे।



