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सहरसा : सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद में विज्ञापन भुगतान पर सवाल, आरटीआई से लाखों रुपये खर्च का मामला उजागर

सहरसा, 05 अगस्त (के.स.)। डेस्क, नगर परिषद सिमरी बख्तियारपुर में सरकारी विज्ञापनों के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान में अनियमितता का मामला सामने आया है। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर जिले के वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार ने जिलाधिकारी सहरसा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक तथा नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव को पत्र भेजकर मामले की जांच की मांग की है।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राम बिलास दास ने वर्ष 2025 एवं 2026 के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार, राष्ट्रीय पर्वों तथा धार्मिक आयोजनों के अवसर पर यूट्यूब चैनलों, वेब पोर्टलों और विभिन्न मीडिया संस्थानों को विज्ञापन के नाम पर पांच लाख रुपये से अधिक की सरकारी राशि का भुगतान किया। आरोप है कि यह भुगतान निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन किए बिना किया गया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि सरकारी विज्ञापन जारी करने के लिए समाचार पत्रों का आरएनआई में पंजीकृत होना, समाचार चैनलों का सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मान्यता प्राप्त होना तथा सीबीसी (पूर्व में डीएवीपी) अथवा राज्य सरकार की विज्ञापन नीति के तहत सूचीबद्ध होना आवश्यक है। साथ ही वर्ष 2024 की विज्ञापन नीति के अनुसार वेब पोर्टल एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए भी जीएसटी, पैन और एनालिटिक्स समेत अन्य मानकों के आधार पर सूचीबद्ध किए जाने का प्रावधान है।

आरोप यह भी है कि विज्ञापन जारी करने से पूर्व न तो सामान्य बोर्ड और न ही सशक्त स्थायी समिति से प्रस्ताव पारित कराया गया, इसके बावजूद सरकारी राशि का भुगतान कर दिया गया।

वरिष्ठ पत्रकार ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा कथित रूप से नियम विरुद्ध खर्च की गई सरकारी राशि की वसूली संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी के वेतन से किए जाने की मांग की है।हालांकि, इस संबंध में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

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