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किशनगंज : बाल हृदय योजना से दो बच्चों को मिली नई जिंदगी की उम्मीद, ओपन हार्ट सर्जरी के लिए अहमदाबाद रेफर

किशनगंज, 09 जुलाई (के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) एवं बाल हृदय योजना के तहत किशनगंज जिले के जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित दो बच्चों को निःशुल्क ओपन हार्ट सर्जरी के लिए अहमदाबाद रेफर किया गया है। गुरुवार को दोनों मरीजों को सदर अस्पताल से एम्बुलेंस के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना के लिए रवाना किया गया। वहां से उन्हें हवाई मार्ग से श्री सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल, अहमदाबाद भेजा जाएगा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका निःशुल्क ऑपरेशन होगा।

रेफर किए गए मरीजों में किशनगंज प्रखंड के दिलवरगंज निवासी चंदन महतो की सात वर्षीय पुत्री आंचल कुमारी तथा ठाकुरगंज प्रखंड के जलमिलिक निवासी हबीबुर रहमान के 17 वर्षीय पुत्र सलमान रजा शामिल हैं। दोनों बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की पहचान आरबीएसके के तहत हुई थी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार योजना के अंतर्गत मरीजों की जांच, रेफरल, एम्बुलेंस सुविधा, हवाई यात्रा, अस्पताल में भर्ती, ऑपरेशन और उपचार से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सरकार द्वारा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। आरबीएसके की टीमें नियमित रूप से स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में बच्चों की स्क्रीनिंग कर गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित कर रही हैं।

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि जन्मजात हृदय रोग का समय पर पता चलने और शीघ्र उपचार मिलने से बच्चों का जीवन सामान्य बनाया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि किसी बच्चे में बार-बार सांस फूलना, जल्दी थक जाना, वजन नहीं बढ़ना या होंठ नीले पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में जांच कराएं।

जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि बाल हृदय योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी बच्चे का इलाज आर्थिक तंगी के कारण प्रभावित न हो। उन्होंने लोगों से आरबीएसके की सेवाओं का लाभ उठाने और समय पर जांच कराने की अपील की।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. मुनाजिम ने बताया कि गंभीर मामलों की लगातार निगरानी की जाती है ताकि रेफरल से लेकर उपचार तक किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी बच्चा जीवनरक्षक उपचार से वंचित न रहे।

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