*गन्ना किसानों को बड़ी सौगात: सत्यापित बीज उत्पादन पर मिलेगा ₹260 प्रति क्विंटल अनुदान*
*•कैबिनेट की मंजूरी से ‘बीज विकास योजना’ को मिली रफ्तार, आधार बीज उत्पादन पर ₹70 हजार प्रति हेक्टेयर तक सहायता*
*• ₹34.60 करोड़ की गन्ना यंत्रीकरण योजना से 3,218 कृषि यंत्रों का होगा वितरण*
*• 80 यंत्र बैंक स्थापित होंगे, छोटे एवं सीमांत किसानों को भी मिलेगा आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ*
*• आधुनिक तकनीक और सत्यापित गन्ना बीज से बढ़ेगी उत्पादकता, किसानों की बढ़ेगी आमदनी*
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/बिहार सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी देकर गन्ना उत्पादन को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 01 जुलाई 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘बीज विकास योजना’ तथा ‘गन्ना यंत्रीकरण योजना’ को स्वीकृति प्रदान की गई। इन योजनाओं का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता बढ़ाना, गन्ना खेती में आधुनिक तकनीक एवं यंत्रीकरण को बढ़ावा देना, उत्पादन लागत कम करना तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
*गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज उत्पादन को बढ़ावा, किसानों को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ*
बीज विकास योजना के तहत सत्यापित बीज उत्पादन करने वाले सामान्य वर्ग के किसानों को ₹260 प्रति क्विंटल तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसानों को ₹310 प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त आधार बीज उत्पादन के लिए अधिकतम ₹70 हजार प्रति हेक्टेयर तक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रजनक बीज उत्पादन का कार्य ईख अनुसंधान संस्थान, पूसा तथा भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के मोतीपुर केंद्र के माध्यम से कराया जाएगा, जिसके लिए ₹2.50 लाख प्रति हेक्टेयर तक प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है। साथ ही चीनी मिलों, कृषि विज्ञान केंद्रों एवं प्रगतिशील किसानों की भागीदारी से आधार बीज उत्पादन कार्यक्रम का विस्तार किया जाएगा, जिससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज की उपलब्धता बढ़ेगी।
*सिंगल बड तकनीक से घटेगी गन्ना खेती की लागत, बढ़ेगी उत्पादकता*
गन्ना खेती में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने सिंगल बड तकनीक को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। इस तकनीक में कम बीज की आवश्यकता होती है, जिससे खेती अधिक किफायती बनती है। इसे अपनाने वाले किसानों को अधिकतम ₹15 हजार प्रति एकड़ तक विशेष अनुदान दिया जाएगा। साथ ही सत्यापित बीज को भी प्रमाणित बीज के समान अनुदान का लाभ मिलेगा, जिससे किसान गुणवत्तापूर्ण बीज अपनाने के लिए प्रेरित होंगे और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
*यंत्रीकरण को मिलेगा बल, आधुनिक कृषि यंत्रों तक बढ़ेगी किसानों की पहुँच*
गन्ना यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत खेत की तैयारी, रोपाई, फसल प्रबंधन, कीट एवं खरपतवार नियंत्रण से लेकर कटाई तक उपयोग होने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। वर्ष 2026-27 में 3,218 कृषि यंत्रों के वितरण तथा 80 यंत्र बैंकों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यंत्र बैंक स्थापित होने से छोटे एवं सीमांत किसानों को भी आवश्यकता के अनुसार आधुनिक कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध हो सकेंगे। योजना के तहत सामान्य वर्ग के किसानों को अधिसूचित कृषि यंत्रों पर 40 प्रतिशत, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। इसके अतिरिक्त फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों पर 75 प्रतिशत, बीज उपचार यंत्रों पर 80 प्रतिशत तथा यंत्र बैंक की स्थापना के लिए अधिकतम ₹8 लाख तक सहायता का प्रावधान किया गया है।
*ऑनलाइन आवेदन और डीबीटी से पारदर्शी होगी पूरी प्रक्रिया*
दोनों योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। बीज विकास योजना के लिए किसान केन केयर पोर्टल तथा यंत्रीकरण योजना के लिए कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। विभागीय सत्यापन के उपरांत पात्र किसानों के बैंक खातों में अनुदान की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। गन्ना उद्योग विभाग का मानना है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार में गन्ने की उत्पादकता, चीनी रिकवरी और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और कृषि यंत्रीकरण के विस्तार से राज्य के चीनी उद्योग को पर्याप्त मात्रा में बेहतर गुणवत्ता का गन्ना उपलब्ध होगा, जिससे पूरे गन्ना क्षेत्र के सतत विकास को नई मजबूती मिलेगी।

