*बिहार में केश कला बोर्ड के गठन की मांग को लेकर शिष्टमंडल ने विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को सौंपा ज्ञापन*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/बिहार विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को बिहार में केश कला बोर्ड के गठन की मांग को लेकर मुख्य संयोजक संदीप ठाकुर के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल ने नाई (केशशिल्पकार) समाज के सामाजिक, आर्थिक एवं व्यावसायिक विकास के लिए राज्य सरकार से पृथक केश कला बोर्ड के गठन की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।
ज्ञापन में कहा गया कि बिहार में बड़ी संख्या में केशशिल्पकार समाज निवास करता है, जो वर्षों से पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ा हुआ है, किन्तु उनके सर्वांगीण विकास हेतु कोई समर्पित बोर्ड नहीं है। हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में केश कला बोर्ड का गठन पहले से किया जा चुका है, जिससे समाज के लोगों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
मुख्य संयोजक संदीप ठाकुर ने बताया कि गत 13 जून 2026 को पटना के रविंद्र भवन में आयोजित अखिल भारतीय नाई महासम्मेलन में भी समाज के हजारों प्रतिनिधियों ने केश कला बोर्ड के गठन की मांग को प्रमुखता से उठाया था। सम्मेलन में समाज के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए इस दिशा में ठोस पहल की आवश्यकता पर बल दिया गया था।
ज्ञापन में कहा गया कि केश कला बोर्ड के गठन से युवाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, सस्ते ऋण, अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही बीमा, पेंशन, स्वास्थ्य सहायता एवं दुर्घटना सहायता जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी समाज के लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुँच सकेगा।
शिष्टमंडल ने यह भी उल्लेख किया कि समाज के मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति एवं शैक्षिक सहायता की व्यवस्था, पारंपरिक व्यवसाय एवं कला का संरक्षण तथा सरकार और समाज के बीच समन्वय स्थापित करने में भी यह बोर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शिष्टमंडल की बातों को गंभीरतापूर्वक सुना और कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण एवं विकास से जुड़े विषयों पर सकारात्मक विचार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रस्तुत मांग एवं सुझावों को संबंधित स्तर पर विचारार्थ भेजा जाएगा, ताकि समाज के हितों की रक्षा एवं समुचित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर शिष्टमंडल के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे और उन्होंने बिहार में केश कला बोर्ड के गठन को सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तिकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।


