
रांची/जमशेदपुर, 1 जुलाई: जमशेदपुर के डबल डाउन बार में दो युवकों की हत्या के मामले को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। भाजपा और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। जहां भाजपा ने राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताते हुए आंदोलन का ऐलान किया है, वहीं झामुमो ने भाजपा से उसके पदाधिकारी नीरज सिंह को लेकर जवाब मांगा है।
भाजपा ने कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में युवक की हत्या होना राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई सुनिश्चित की जाए। भाजपा ने 2 जुलाई की शाम जमशेदपुर में मशाल जुलूस और 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए तो पूरे झारखंड में आंदोलन तेज किया जाएगा।
झामुमो का पलटवार, भाजपा से पूछे सवाल
भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए झामुमो विधायक समीर कुमार मोहंती और जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने कहा कि जिस डबल डाउन बार में यह हत्याकांड हुआ, उसके मालिक भाजपा के व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नीरज सिंह हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद भाजपा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग क्यों नहीं कर रही और क्या उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। झामुमो ने कहा कि सरकार ने घटना के तुरंत बाद बार को सील किया, संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया और दो जिलों के पुलिस अधीक्षकों को हटाया। पार्टी का दावा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच जारी
जमशेदपुर डबल डाउन बार हत्याकांड अब राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। भाजपा इसे कानून-व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता बता रही है, जबकि झामुमो भाजपा से उसके पदाधिकारी पर लगे आरोपों पर जवाब मांग रहा है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। इस बीच पुलिस मामले की जांच में जुटी है और प्रशासन का कहना है कि जांच के आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

