गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार के लिए सरकार प्रयासरत : शिक्षा मंत्री
बोले-मेधावी छात्र-छात्राओं की उपलब्धियां समाज के लिए प्रेरणास्रोत

सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल में मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटना। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि मेधावी छात्र-छात्राओं की उपलब्धियां समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं। विद्यार्थियों की सफलता केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम नहीं होती, बल्कि इसमें माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान अन्य छात्रों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है।
शिक्षा मंत्री मंगलवार को राजधानी के मरचा-मरची रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल में आयोजित मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। विद्या भारती, दक्षिण बिहार के तत्वावधान में आयोजित समारोह में सरस्वती शिशु मंदिरों के उन मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय, परिवार और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
शिक्षा मंत्री ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं है। यह व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का आधार भी है। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, कौशल और मूल्यों के बल पर समाज के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह, प्रांत प्रचारक उमेश रंजन, सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी गोपाल लाल यादव, विद्या भारती के प्रदेश मंत्री प्रो. नरेन्द्र कुमार सिंह के अलावा विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इससे पहले भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।



