अपराधब्रेकिंग न्यूज़
गोलीयो की बौछार से फिर थर्राया बिहार…
बिहार के समस्तीपुर के विभूतिपुर में अपराधियों की अंधाधुन गोलियों का शिकार हुए एक दैनिक अखबार के पत्रकार और चिमनी मालिक ब्रजकिशोर ब्रजेश हत्याकांड के पीछे कई वजहें सामने आ रही है।परिजनों के मुताबिक मृतक प्रखंड स्तर पर पत्रकारिता के अलावा खुद की चिमनी भी चलाते थे।बताया जा रहा है कि मृतक पत्रकार तीन भाई थे।ब्रजेश अपने बड़े भाई के साथ थे जो सीपीएम के नेता है जबकि मंझला (बीच) भाई कमल किशोर कमल जेडीयू के नेता हैं।आरोप है कि भाइयों के बीच आपसी विवाद में ब्रजेश अपने बडे भाई का साथ देते थे जबकि कमल से इनकी रंजिश चलती थी।इसके लिए कई बार पंचायत भी हुई थी।माना जा रहा है कि उसी भाई ने हत्या करवाई है हालांकि पुलिस के सामने यह बड़ी चुनौती है कि हत्या की असल वजह और असली अपराधियों तक पहुंच सके ताकि पूरे हत्याकांड से पर्दा उठ सके।गौरतलब है कि मंगलवार की शाम अपराधियों ने पत्रकार को उस वक्त ताबड़तोड़ गोलियों से मौत के घात उतार दिया जब वे अपने चिमनी पर मजदूरों से बातचीत कर रहे थे।

बोलेरो से आये अपराधियों ने उनपर फायरिंग शुरू कर दी।फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में ध्यान में रखते हुए जांच कर रही हैआरोपी भाई घर से फरार बताया जा रहा है।समस्तीपुर के ही रोसड़ा में 2008 में पत्रकार विकास रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी,अब देखना है कि इस पत्रकार हत्याकांड का खुलासा पुलिस कब तक कर पाती है।हत्या में जदयू विधायक के भाई पर केस बताते चले की चिमनी संचालक और माकपा नेता श्याम किशोर कमल के छोटे भाई ब्रजकिशोर ब्रजेश हत्याकांड के बाद सलखन्नी गांव में तनाव है।पुलिस वहां कैंप कर रही है।ब्रजेश के बड़े भाई व माकपा जिला कमेटी सदस्य श्याम किशोर कमल ने विभूतिपुर के जदयू विधायक रामबालक सिंह के भाई लालबाबू सिंह,ब्रजेश के दूसरे भाई कमल किशोर कमल एवं उनकी पंचायत समिति सदस्या पत्नी किरण कुमारी समेत पांच लोगों को आरोपित किया गया है।घटना का कारण चिमनी विवाद बताया गया।गमगीन माहौल में ब्रजेश का दाह-संस्कार कर दिया गया।बुधवार को बूढ़ी गंडक नदी के तट पर ब्रजेश का दाह संस्कार कर दिया गया।75 वर्षीय पिता दशरथ महतो ने जवान बेटे को मुखाग्नि दी।माकपा नेताओं ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग की है। चिमनी विवाद में हुई हत्या प्राथमिकी के मुताबिक,मंझले भाई कमल किशोर कमल,उनकी पत्नी एवं जदयू विधायक राम बालक सिंह के अनुज लालबाबू सिंह ने पांच अज्ञात सहयोगियों के साथ घटना को अंजाम दिया।मंगलवार की शाम लगभग पांच बजे दक्षिण दिशा से आरोपी पांच अज्ञात सशस्त्र अपराधियों के साथ चिमनी पर आए।कमल किशोर कमल ने पिस्तौल से जान मारने की नीयत से गोली चलाई। गोली ब्रजेश की बायीं कनपट्टी पर लगी।इसके बाद अन्य ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई।ये गोलियां ब्रजेश की छाती,पेट और कमर में लगी।बाद में ग्रामीणों के सहयोग से उसे पीएचसी विभूतिपुर लाया गया।जहां मृत घोषित कर दिया गया। रोसड़ा थानाक्षेत्र के रहुआ गांव निवासी राम नारायण मंडल से ब्रजेश ने चिमनी की खरीदी थी।इसे लालबाबू सिंह लीज पर चलाते थे।उसपर विवाद चला था।कमल किशोर कमल के साथ भूमि बंटवारे का विवाद भी था।कमल और उसकी पत्नी, लाल बाबू सिंह के साथ साजिश रचकर ब्रजेश की हत्या कराना चाहते थे।घटना के बाद गांव में तनाव है।एसपी ने घटना के उद्भेदन को लेकर एक स्पेशल टीम गठित कर दी है।पुलिस ने घटनास्थल से नौ खोखे बरामद किए।ब्रजेश को सात गोलियां लगी थी।पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
रिपोर्ट-न्यूज़ रिपोटर
क्या बिहार में इसी तरह का खुनी खेल होता रहेगा,आखिर कब तक माननीय मुख्यमंत्री जी…?
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क्या नितीश सरकार में इसी तरह पत्रकारों को गोलिये से भून दिया जाएगा ?
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आखिर राज्य या केंद्र सरकार पत्रकारों के लिए सुरक्छा मुहैया क्यों नही करा रही ?
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आखिर और कितनो को इसी तरह मरवाने का इन्तजार में है सरकार ?
विचार करे जब से बिहार में महागठबंधन की सरकार बना है तब से लेकर अब तक पत्रकार इंजीनियर,राजनेता,वकील यहाँतक जो दिन रात आमजनो को सुरक्छा प्रदान करता है पुलिस तक को गोलियों से भून दिया गया,सिर्फ इसीलिए न की गबन का पर्दाफास किया पत्रकार या उन दरिंदो का राज को आमजनो और सरकार के बीच रखा के बीच रखा पत्रकार। उन दरिंदो को रंगदारी नही दिया होगो इंजीनियर कुर्सी खतरा में आ गया होगा, इसलिए राजनेता को,सही बात कोर्ट में वकील ने बोला होगा इस लिए ,पुलिस ने अपना कर्तव्य का पालन करने में उन हत्यारे को नही बक्सा होगा जेल का हवा खिलाया होगा इसलिए…..।विचार करे इससे पहले भी नीतीश कुमार का ही सरकार था उस वक्त तो इस तरह नही होता था ? क्या उस वक्त दिन दिन नही और रात रात नही था ? नीतीश जी ये क्या होने लगा बिहार में ?अब तो सच लिखने में डर लगता है,पर आदत से लाचार हूँ मेरा जमीर झूठा तारीफ करने का इजाजत नही देता ।आखिर आमलोग कर भी क्या सकता है ? नीतीश जी बिहारवासी आप को दिल से चाहते है उसे व्यर्थ का जाने मत दीजिये ।आज बिहार के समस्तीपुर के विभूतिपुर प्रखंड के दैनिक अखबार के रिपोर्टर ब्रजकिशोर कुमार की गोली मारकर हत्याकर दी गई।अपराधियो ने सात गोली मारी है…l क्या इनका परिवार नही है ? क्या इनका बाल-बच्चा माता पिता नही है ? मैं आप से विनती करता हूँ की बिहार में जो इस तरह का खुनी खेल अपराधी कर रहे है, पत्रकारों पर,पुलिस पदाधिकारियो पर,राज नेताओ पर। गोलियों से भुना जा रहा है इस पर विचार कीजिये नीतीश जी। बिहार में पत्रकारों को गोलियों से भून दिया जाता है इससे हमारे पत्रकारों को भय सा लगने लगा है,तरह-तरह का चर्चा हो रहा है लोगो के मन में।अगर सूबे में पत्रकारो पर इसी तरह का खुनी खेल होगा तो ,सच का खुलासा कौन करेगा? आप का जो सोच सपना है बिहार को अपराध मुक्त बनाना । राम राज्य लाना वो कैसे पूरा होगा ? तरह तरह के विचार उत्पन्न होने लगा है मन में । खैर इस विनती पर विचार करने का कृपा करे ताकि पत्रकार आप के राज्य में निर्भीकता से कार्य करे ।
गोली से फिर थर्राया बिहार एक घायल…

खगडिया मुफ्फसिल थानाक्षेत्र अंतर्गत भदास ग्रामवासियों के कानों से अपराधियों द्वारा पुलिस टीम पर सोमवार की देर रात की गई गोलीबारी की धमक खत्म भी नहीं हुई थी,कि मंगलवार की सुबह फिर अपराधियों नें एक स्थानीय व्यावसाई पर गोली चला दी।गौरतलब है कि एक हत्याकांड के आरोपी की गिरफ्तारी के सिलसिले में मुफ्फसिल थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह के नेतृत्व में गांव पहुंची पुलिस टीम पर भी बीती रात अपराधियों ने गोलीबारी कर थानाध्यक्ष को जख्मीकर दिया था।मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह भदास के मेन रोड में अपनी दुकान चला रहे सुशील गुप्ता पर अपराधियों ने गोली चला दिया ।जिससे उनके घायल हो जाने की सूचना है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मामला रंगदारी का बताया जा रहा है।वहीं दबी जुबान से कुछ स्थानीय लोग इसी अपराधी गिरोह द्वारा पुलिस पर भी बीती रात गोलीबारी करने का अंदेशा व्यक्त कर रहें हैं।अपराधी गिरोह द्वारा पुलिस पर भी बीती रात गोलीबारी करने का अंदेशा व्यक्त कर रहें हैं।
बांका जिले के धोरैया थाना अंतर्गत बटसार पंचायत के चकमथुरा गांव में 18 वर्षीय युवक धर्मेंद्र कुमार की गोली मारकर हत्या…





