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: ‘ *PDS की कहानी—आज़ादी से अब तक’* फिल्म बनी BSFC स्टॉल का आकर्षण केंद्र, नागरिकों की मिली योजनाओं की पूरी जानकारी

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटना। बिहार दिवस के अवसर पर गांधी मैदान, पटना में आयोजित तीन दिवसीय समारोह (22 से 24 मार्च) के दौरान बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (BSFC) का प्रदर्शनी स्टॉल हजारों आगंतुकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लि. (खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार) के अधीन स्थापित इस स्टॉल के माध्यम से आमजन को न केवल योजनाओं की जानकारी दी गई, बल्कि खाद्यान्न वितरण प्रणाली में हुए बदलावों और तकनीकी सुधारों से भी अवगत कराया गया।

स्टॉल पर प्रदर्शित ‘PDS की कहानी—आज़ादी से अब तक’ आधारित शॉर्ट फिल्म ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दिखाई गई इस प्रस्तुति में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के विकास की यात्रा को सरल और रोचक ढंग से समझाया गया, जिससे आगंतुकों को इस व्यवस्था के विस्तार और प्रभाव का स्पष्ट अनुभव मिला।

प्रदर्शनी में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं—जैसे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY), प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM POSHAN), कल्याणकारी संस्थाएं एवं छात्रावास योजना (WIHS), किशोरियों हेतु योजना (SAG) तथा व्हीट बेस्ड न्यूट्रिशन प्रोग्राम (WBNP)—की जानकारी व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत की गई। साथ ही इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में BSFC की भूमिका को भी विस्तार से बताया गया।

आगंतुकों ने राशन कार्ड से जुड़ी सेवाओं—जैसे नया राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया, नाम जोड़ना या हटाना, आधार सीडिंग (e-KYC) तथा ऑनलाइन सेवाओं—में विशेष रुचि दिखाई। स्टॉल पर मौजूद अधिकारियों ने इन प्रक्रियाओं को आसान भाषा में समझाते हुए लोगों के प्रश्नों का समाधान किया।

पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए ‘अन्न पर्यवेक्षण कवच’ के तहत अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। इसमें वाहन ट्रैकिंग प्रणाली (VTS), GPS आधारित निगरानी, लोड सेल, जियो-ज़ोन, जियो-फेंसिंग रूट और 24×7 कंट्रोल रूम जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई, जिससे लोगों को यह समझने में मदद मिली कि खाद्यान्न परिवहन की निगरानी किस तरह सुदृढ़ की जा रही है। इसके साथ ही आधुनिक भंडारण प्रणाली की जानकारी भी सरल तरीके से साझा की गई।

खाद्यान्न से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए उपलब्ध ऑनलाइन पोर्टल और टोल-फ्री नंबर की जानकारी भी दी गई, जिससे आम नागरिकों को अपनी समस्याएं दर्ज कराने और उनके समाधान की प्रक्रिया को समझने में सुविधा हुई।

किसानों के लिए भी स्टॉल उपयोगी साबित हुआ, जहां खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति तथा रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं अधिप्राप्ति से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसके माध्यम से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया गया।

स्टॉल में फोर्टिफाइड चावल की प्रदर्शनी ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इसके माध्यम से पोषण संबंधी लाभों को समझाया गया, जिससे आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। इसके अतिरिक्त PDS परख ऐप और अन्य डिजिटल सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई।

कार्यक्रम के दौरान निगम के प्रबंध निदेशक श्री सुनील कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (अधिप्राप्ति) श्री मृत्युंजय कुमार, महाप्रबंधक (जन वितरण) श्री राकेश रमण, महाप्रबंधक (वित्त) श्री शैलेन्द्र कुमार, उप महाप्रबंधक (जन वितरण) श्री ज्योति शंकर, कंपनी सचिव श्रीमती रचना, उप महाप्रबंधक (अंकेक्षण) एवं जनसंपर्क/सतर्कता पदाधिकारी श्री नीरज कुमार शर्मा तथा उप महाप्रबंधक (लेखा एवं बजट) श्रीमती नाज़ली हसनैन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह स्टॉल बिहार दिवस समारोह में खाद्यान्न वितरण प्रणाली, परिवहन एवं भंडारण की आधुनिक प्रक्रियाओं तथा सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम साबित हुआ। इस पहल के जरिए आमजन और विभाग के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ-साथ पारदर्शिता और विश्वास को भी बढ़ावा मिला है।

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