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तेजस्वी के दावे हवा-हवाई, लालू-राबड़ी शासन में भी आरजेडी को कभी नहीं मिले 50% वोट – जद (यू)

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/जद (यू) विधान पार्षद सह मुख्य प्रदेश प्रवक्ता श्री नीरज कुमार, प्रदेश प्रवक्ता श्री अरविंद निषाद एवं मीडिया पैनलिस्ट श्री महेश दास ने संयुक्त रुप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने तेजस्वी यादव के बयान पर तीखा हमला बोला और कहा कि तेजस्वी यादव को शायद यह याद नहीं कि उनके माता-पिता के लंबे शासनकाल में भी आरजेडी को कभी 50 प्रतिशत वोट नहीं मिले।

आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने तेजस्वी यादव के राजनीतिक ज्ञान पर कटाक्ष किया और कहा कि उन्हें आरजेडी को पिछले चुनावों में कितने प्रतिशत वोट मिले इसके बारे में जानकारी लेनी चाहिए तभी बयानबाजी करनी चाहिए। बिहार की जनता आंकड़ों से नहीं, काम से फैसला करती है। तेजस्वी यादव ने खुद तीन बार राघोपुर से चुनाव लड़ा हैं। वो बताएं कि किस चुनाव में इनको 50% वोट प्राप्त हुआ है? हकीकत ये है कि एक भी चुनाव में तेजस्वी यादव को आज तक पचास प्रतिशत वोट नहीं प्राप्त हुआ है। आरजेडी की बिहार में तीन बार सरकार बनी और तीनों बार 50% तो छोड़िए ये कभी 40% पार वोट शेयर का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए थे। एक बार 2015 में हमारे कारण इनको 40% से अधिक वोट प्रतिशत हासिल हुआ था।

उन्होंने तेजस्वी यादव से अहम सवाल पूछे:-
1. तेजस्वी जी, आपने किस आधार पर कह दिया कि 60 फीसदी वोट एनडीए गठबंधन के खिलाफ गया है? बिना तर्क एवं आंकड़ों की कही गई ऐसी बातें से क्या आप लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश नहीं कर रहे?
2. क्या आपके माता-पिता के शासनकाल के दौरान भी आरजेडी कभी 50 प्रतिशत वोटों का आंकड़ा पार कर पायी थी? तो फिर मीडिया में गलत आंकड़े क्यों पेश कर रहे हैं?

3. कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती पर भाषण देकर आप मंच से तो उतर गए, लेकिन मीडिया के सवालों से भाग क्यों गए? क्या कर्पूरी ठाकुर जी का नाम सिर्फ भाषण के लिए है?

4. रमीज खान और ₹1 लाख के इनामी फरारी देवा गुप्ता जैसे गंभीर मामलों पर आपने अब तक कोई स्पष्टीकरण क्यों नहीं दिया? क्या यह चुप्पी स्वीकारोक्ति मानी जाए या मजबूरी?

5. आपकी बहन रोहिणी आचार्य ने पार्टी के अंदर ‘‘घुसपैठियों और साजिशकर्ताओं’’ की बात कही। अगर आपकी बहन के आरोप झूठे हैं, तो आपने उन्हें सार्वजनिक रूप से खंडन क्यों नहीं किया?
6. तेजस्वी जी, आपको आरजेडी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया। लेकिन सवाल यह है किकृ उदय नारायण चैधरी जी, अब्दुल बारी सिद्दीकी जी जैसे वरिष्ठ और संघर्षशील नेताओं को आज तक पार्टी में निर्णायक जिम्मेदारी क्यों नहीं दी जाती?

7. क्या यह सच है कि चुनावी हलफनामे के अनुसार तेजस्वी यादव पर 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं और इसी आधार पर उन्हें राजद का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया? जबकि राजद के वरिष्ठ नेताओं जैसे जगदानंद सिंह, शिवानंद तिवारी, अब्दुल बारी सिद्दीकी, उदय नारायण चैधरी एवं रामचंद्र पूर्वे के विरुद्ध इतने आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं इसलिए उन्हें इस पद पर नियुक्त नहीं किया गया?

 

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