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*विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लंबित वेतन और पेंशन के नियमित भुगतान सुनिश्चित करें राज्य सरकार : राजेश राठौड़*

*परीक्षाफल आधारित वेतन अनुदान को समाप्त कर नियमित वेतन व पेंशन का भुगतान करें सरकार: राजेश राठौड़*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/राज्य के सभी कोर्ट के अनुदानित संबद्ध विद्यालय, महाविद्यालय, डिग्री महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लंबित बकाया अनुदान एकमुश्त भुगतान को सुनिश्चित करने तथा परीक्षाफल आधारित वित्तानुदान की व्यवस्था समाप्त कर इन्हें नियमित वेतन एवं पेंशन का भुगतान हेतु नीतिगत व्यवस्था करने की मांग बिहार प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने राज्य सरकार से उठाई है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि वित्तरहित एवं नियमित विद्यालयों। महाविद्यालयों और डिग्री कॉलेज के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को नियमित वेतन व पेंशन भुगतान न होने से उनके जीवकोपार्जन में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। समय पर भुगतान न होने के कारण समाज के सबसे गरिमामय पद पर कार्य करने वाले शिक्षकों की स्थिति भयावह हो जाती है। ऐसे में सरकार को यह जिम्मेदारी पूर्ण व्यवस्था करनी चाहिए ताकि उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से प्रत्येक महीने भुगतान सुनिश्चित हो सकें। उन्होंने सरकार पर यह आरोप लगाया कि शीत की गंभीरता को जानने के बावजूद और इस मुद्दे पर कई बार बैठकों के बावजूद कोई परिणाम सरकार के स्तर पर नहीं निकाला जा सका। इसके कारण शिक्षकों और कर्मचारियों में भारी रोष है लेकिन सरकार उनकी बातों को अनसुना कर रही है। ऐसे में सरकार को जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से इनके पक्ष में फैसला लेते हुए केंद्रीय विद्यालय और विश्वविद्यालय के तर्ज पर महीने के अंतिम दिन वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए नियमित रूप से भुगतान करने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य की एनडीए सरकार को शिक्षकों से उम्मीदें बहुत ज्यादा है लेकिन जब उनके हक की बात होती है तो वें दरकिनार कर दिए जाते हैं। परीक्षाफल आधारित वित्तानुदान व्यवस्था पर भी उन्होंने करारा प्रहार करते हुए कहा कि यह शिक्षकों को हतोत्साहित करने वाला फैसला है और इसे अविलंब हटाया जाना चाहिए ताकि उनके वेतन में विसंगति न हो और ससमय उनका भुगतान होते रहें। शिक्षकों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ लगातार मुखर होकर उनकी आवाज उठाते रहते हैं और उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज करना भारी पड़ेगा।

 

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