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कर्ज के पैसों ने ली जान, मुख्य साजिशकर्ता सहित सभी आरोपी 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार….

रांची//राजधानी रांची के बुढ़मू थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इबरार अंसारी हत्याकांड मामले का खुलासा कर दिया है। पीयूष उर्फ इबरार अंसारी की गोली मारकर हत्या कर्ज के पैसों को लेकर हुए लफड़े में की गई थी। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम समीर अंसारी, साहिल टुडू, राम मुर्मू और नरेश मरांडी बताये गये। समीर अंसारी रामगढ़ के पतरातू का रहने वाला है। साहिल टुडू और राम मुर्मू रांची के बुढ़मू थाना क्षेत्र के छापर बरवाटोली के रहने वाले हैं। वहीं, नरेश मरांडी का घर हजारीबाग के बड़कागांव में है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया हैं। इस बात का खुलासा रांची के रुरल एसपी प्रवीण पुष्कर ने प्रेस वार्ता में किया।

रूरल एसपी ने प्रेस वार्ता कर दी पूरे मामले की जानकारी

शनिवार को प्रेसवार्ता में रूरल एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि 30 दिसंबर 2005 को पतरातु थाना क्षेत्र के हफुआ गांव निवासी मो. एकराम ने बुढ़मू थाना में लिखित आवेदन दिया था। लिखित आवेदन के अनुसार बताया गया कि उनके भतीजे पीयूष उर्फ इबरार अंसारी की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। हत्या के बाद शव को सरईदाह करमबोहा नदी के पास रेलवे पुल के समीप रेलवे ट्रैक के नजदीक फेंक दिया गया था। जिसके बाद बुढ़मू थाना कांड संख्या 82/25 दर्ज किया गया।

एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर रूरल एसपी प्रवीण पुष्कर की देखरेख में खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना के आधार पर जांच शुरू की।

दो आरोपी दबोचे गए

2 जनवरी को पुलिस को सूचना मिली कि इस हत्याकांड में शामिल आरोपी छापर बरवाटोली इलाके में देखे गए हैं। सूचना के आधार पर छापेमारी कर समीर अंसारी और साहिल टुडू को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने हत्या में शामिल होने की बात कबूल कर ली

ढाई लाख का था कर्ज

एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि पीयूष उर्फ इबरार अंसारी जो रामगढ़ जिले के पतरातू का रहने वाला था, उसका पतरातू के ही समीर अंसारी के साथ पैसे वापसी को लेकर विवाद चल रहा था।मृतक पीयूष ने समीर को छह महीने पहले ढाई लाख रुपए कर्ज के तौर पर दिया था। पीयूष ने जब समीर अंसारी से अपने पैसे वापस लेने के लिए दबाब बनाया और धमकी दी की अगर जल्द पैसे न मिले तो अंजाम अच्छा नही होगा। इसी से परेशान होकर समीर ने पैसे लौटाने के बजाय इबरार को ही सीधे रास्ते से ही हटाने का प्लान बना लिया। प्लान के तहत एक हथियार सप्लायर से पिस्टल लिया गया और फिर 30 दिसंबर 2025 को पैसे देने के बहाने पीयूष उर्फ इबरार को बुढ़मू बुलाया गया। जहां समीर ने अपने दो साथी साहिल टुडू और राम मुर्मू के साथ मिलकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया। ताकि यह पूरा मामला एक हादसा लगे|

चौथा आरोपी भी गिरफ्तार

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई में राम मुर्मू को भी गिरफ्तार किया साथ ही हत्या में प्रयुक्त हथियार नरेश मरांडी के घर से बरामद कर लिया। बता दे कि नरेश मरांडी हजारीबाग जिले के बड़कागांव का रहने वाला है और पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है।

हथियार, बाइक और मोबाइल फोन जब्त

पुलिस ने इन आरोपियों के पास से एक मैगजीन लगा देशी पिस्तौल, एक देशी कट्टा, 7.56 बोर की पांच जिंदा गोलियां, 315 बोर की चार जिंदा गोलियां, पांच मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त अपाचे बाइक बरामद की है।इनकी भूमिका सराहनीय रही…

इस कांड के खुलासे में खलारी डीएसपी राम नारायण चौधरी, मांडर सर्किल इंस्पेक्टर जयप्रकाश राणा, बुढ़मू थाना के एसआई संजीव कुमार, प्रभाष कुमार रवानी, एएसआई रण विजय सिंह और अमृत मेहता की भूमिका सराहनीय रही। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

(प्रेस वार्ता में रूरल एसपी ने किया इस हत्याकांड मामले का खुलासा) देखे वीडियो….

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