यूपीएससी परीक्षा में किशनगंज की बेटी जूही दास ने लहराया परचम, 649वीं रैंक हासिल

किशनगंज,06फरवरी(के.स.)। धर्मेन्द्र सिंह, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में किशनगंज की बेटी जूही दास ने सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। शहर के खगड़ा प्रेमपुल निवासी स्वर्गीय निवारन दास की पुत्री जूही दास को यूपीएससी परीक्षा में 649वीं रैंक प्राप्त हुई है।
जूही को यह सफलता चौथे प्रयास में मिली है। इससे पूर्व दूसरे और तीसरे प्रयास में वह साक्षात्कार तक पहुंच चुकी थीं। साक्षात्कार से ठीक दस दिन पहले 13 फरवरी को उनके पिता का बीमारी से निधन हो गया था, जबकि उनका इंटरव्यू 24 फरवरी को निर्धारित था। इस कठिन परिस्थिति के बावजूद जूही ने हिम्मत नहीं हारी और साक्षात्कार में शामिल होकर अंततः सफलता हासिल की।
जूही ने वर्ष 2015 में बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 9.4 सीजीपीए के साथ मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद वर्ष 2017 में चैतन्य, विशाखापट्टनम से 92 प्रतिशत अंकों के साथ इंटरमीडिएट पास किया। आगे की पढ़ाई उन्होंने कोलकाता से बीटेक कर पूरी की।
जूही के पिता निवारन दास घर के पास मोटर पार्ट्स की दुकान चलाते थे, जबकि उनकी मां अन्निका दास न्यायमित्र के पद पर कार्यरत हैं। जूही को यूपीएससी की तैयारी के लिए सबसे अधिक प्रेरणा अपनी मां से मिली। सपन कुमार दास और सुशोभन दास के मार्गदर्शन में उन्होंने तैयारी की।
खास बात यह है कि जूही किसी कोचिंग संस्थान से नियमित रूप से नहीं जुड़ी थीं। वह मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी करती थीं और जरूरत पड़ने पर कुछ संस्थानों से ऑनलाइन नोट्स मंगवाती थीं। जूही ने बताया कि रैंक के आधार पर उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) या भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) मिल सकती है।
जूही की इस उपलब्धि से जिले में खुशी का माहौल है। परिजनों, मित्रों और शहरवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जूही की सफलता से जिले के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।



