किशनगंज : डीएम ने अतंराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन पखवाड़ा के तहत आयोजित जागरूकता दौड़ को दिखाई हरी झंडी।

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किशनगंज/धर्मेन्द्र सिंह, अंतराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन पखवाड़ा (25 नवम्बर से 10 दिसम्बर) के दौरान जिला प्रशासन, के द्वारा महिलाओं के प्रति हिंसा के उन्मुलन के लिए आमजनों में जागरूकता के उद्देश्य से महिलाओं के द्वारा जागरूकता दौड़ का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी, श्रीकांत शास्त्री के द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। दौड़ में महिला हिंसा उन्मूलन जागरूकता हेतु एक रथ को भी शामिल किया गया, जो हरी झंडी दिखाने के उपरांत समाहरणालय से निकलकर किशनगंज शहरी क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर जागरूकता का कार्य किया गया। उक्त अवसर पर डीएम द्वारा बताया गया कि महिला एवं बाल विकास निगम के निर्देश पर अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन पखवाड़ा के तहत पूरे जिले में कई कार्यक्रम कराये गये, जिसका मुख्य उद्देश्य है कि महिलायें एवं लड़कियाँ सुरक्षित रहें। इसके लिए जिला प्रशासन लगातार तत्पर हैं और प्रयासरत है।विदित हो कि जिला में दिनांक 25 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन पखवाड़ा मनाया जा रहा है। डीएम के द्वारा इस हेतु सभी संबंधित विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिये गये हैं। जिसके आलोक में लगातार विभिन्न गतिविधियाँ एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गए है। जागरूकता दौड़ वापस समाहरणालय लौटने पर पखवाड़ा के समापन समारोह में जिलाधिकारी द्वारा लगातार इस विषय पर कार्य किये जाने तथा दोषियों के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई भी चिहिन्त कर किये जाने की जानकारी दी गई। घरेलू हिंसा तथा अन्य लैंगिक हिंसा के रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई करने हेतु सभी को निर्देशित किया गया है। डीएम श्रीकांत शास्त्री द्वारा बताया गया कि महिलाओं की सुरक्षा और अन्य कुरीतियों से संबंधित विभिन्न कानून बनायें गयें हैं, जिसका पूर्ण लाभ उन्हें मिलें इस हेतु जागरूकता कराया जाना आवश्यक हैं। डीएम द्वारा परियोजना प्रबंधक शशि शर्मा एवं रोशनी परवीन, प्रखंड समन्वयक Save the children को पुष्पगुच्छ देकर प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी रंजीत कुमार साहू, अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, सुबोध कुमार, महिला हेल्पलाइन परियोजना प्रबंधक शशि शर्मा, जिला परियोजना सहायक सुशील कुमार झा, जिला समन्वयक एनएनएम, महिला पर्यवेक्षिका, वन स्टॉप की केन्द्र प्रशासिका, परामर्शी और आईसीडीएस की सेविका, सहायिका उपस्थित थे।