आमरण अनशन पर बैठे जेएसएससी जेई (JSSC JE) अभ्यर्थियों ने किया पिंडदान, जाने क्यों…
जेएसएससी (JSSC) के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे जूनियर इंजीनियर कर रहे प्रदर्शन
रांची : 21 फरवरी को अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों ने परीक्षाफल की मांग ले राजभवन के सामने जेएसएससी की आत्मा की शांति के लिए हवन और पिंडदान किया। हवन और पिंडदान के लिए दो पंडितों को बुलाया गया था। जिन्होंने विधि विधान के साथ मंत्रोच्चारण कर जेएसएससी की आत्मा की शांति के लिए हवन और पिंडदान किया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने राजभवन से रांची यूनिवर्सिटी तक पदयात्रा की। 22 फरवरी को सुबह 9 बजे राजभवन के सामने मृत्युभोज का आयोजन किया जाएगा। भोज में शामिल होने के लिए राज्य की जनता को भी निमंत्रण भेजा जाएगा। मौके पर वक्ताओं ने कहा कि जेएसएससी अध्यक्ष नीरज सिन्हा के इस्तीफे के बाद रिजल्ट प्रकाशन की उम्मीद बढ़ी है। बता दें कि अपनी मांगों काे ले जेएसएससी के अभ्यर्थियों ने इससे पूर्व धरना स्थल पर अर्थी जुलूस निकाला और आधा सिर मुंडन कराया था। अभ्यर्थियों ने कहा कि इसके बाद भी यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो गांव गांव जाकर युवा और रोजगार विरोधी सरकार की पोल खोलेंगे। राजभवन के सामने अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों ने सरकार और जेएसएससी से जूनियर इंजीनियर का रिजल्ट जल्द प्रकाशित करने की मांग की है।
जल्द रिजल्ट प्रकाशन की मांग :
राजभवन के सामने अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों ने सरकार और जेएसएससी से जूनियर इंजीनियर का रिजल्ट जल्द प्रकाशित करने की मांग की है। कहा कि जब तक रिजल्ट जारी नहीं किया जाता है तब तक हमारा अनशन जारी रहेगा। बताया कि झारखंड संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का विज्ञापन दिसंबर 2021 में जारी हुआ था। पहली इसकी परीक्षा 3 जुलाई 2022 को आयोजित हुई थी। जिसके बाद पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद परीक्षा को रद कर दिया गया था। दोबारा यह परीक्षा टीसीएस के माध्यम से अक्टूबर 2022 में आनलाइन आयोजित की गई। रिजल्ट आने से पहले ही सरकार की नीति रद हो गई और एक बार फिर इस परीक्षा को रद करना पड़ा। वर्तमान में तीसरी बार यह परीक्षा सितंबर अक्टूबर माह 2023 में टीसीएस के माध्यम से आयोजित की गई थी। जेएसएससी के एग्जाम कैलेंडर के अनुसार इसका परिणाम दिसंबर 2023 में ही जारी हो जाना चाहिए था लेकिन परीक्षा हुए लंबा वक्त बीत चुका है लेकिन अभी तक रिजल्ट प्रकाशन नहीं हो सका है। अभ्यर्थियों ने अब तक कई विधायक व मंत्रियों से भी गुहार लगाई है लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है।