जी-20 भारत : महिलाओं के लिए समान और निष्प क्ष समाज बनाने का आह्वान

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त्रिलोकी नाथ प्रसाद:-लेखक : डॉ. संध्यार पुरेचा, अध्यसक्ष डब्यूिष् -20 एवंधारित्री पटनायक, मुख्या समन्वुयक, डब्यूयका -20 सचिवालय

वूमन 20 (डब्यूयिय -20) एक आधिकारिक जी-20 कार्य समूह (या इंगेजमेंट ग्रुप) है, जिसकी स्थातपना 2015 में तुर्की की अध्य क्षता के दौरान की गई थी। इसका उद्देश्यट महिलाओं से संबंधित सरोकारों का जी-20 के विमर्शों में समावेशन और जी-20 नेताओं के घोषणा पत्र में नीतियों और प्रतिबद्धताओं के रूप में परिलक्षण सुनिश्चित करना है, जो महिलाओं और पुरुषों में समानता और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्रोत्साकहन दे सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्वक में भारत ने महिलाओं के लिए सहयोगपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वोपूर्ण प्रगति की है। डब्यूेंी -20 इंडिया, जी-20 की भारत की अध्यशक्षता को “समावेशी, महत्वातकांक्षी, निर्णायक और कार्य-उन्मुेख” बनाने के संबंध में माननीय प्रधानमंत्री के विज़न को आगे ले जाने का प्रयास करेगा। भारत अगले एक वर्ष में यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि प्रधानमंत्री की योजना के अनुसार, नए विचारों की परिकल्पिना करने और सामूहिक कार्रवाई में तेजी लाने के लिए जी-20 वैश्विक स्तार पर ‘प्रमुख प्रवर्तक’ के रूप में कार्य करे।

डब्यूनमं -20 इंडिया का विज़न एक ऐसे समान और निष्प्क्ष समाज का निर्माण करना है, जिसमें महिलाएं गरिमापूर्ण तरीके से रह सकें। इस उद्देश्यऐ को हासिल करने में सहायता करने के लिए हमारा मिशन महिलाओं के नेतृत्वी में विकास की समस्तम बाधाओं को दूर करने तथा महिलाओं के लिए सहयोगपूर्ण वातावरण और इकोसिस्‍टम सुनिश्चित करने पर ध्याबन केंद्रित करता है, ताकि महिलाएं समृद्ध बन सकें, श्रेष्ठध बन सकें तथा अपने साथ ही साथ अन्यक लोगों के जीवन में भी बदलाव ला सकें।

यह कार्य समूह कार्रवाई योग्य् एवं प्रभावपूर्ण वक्ततव्यअ तैयार करने के लिए हितधारकों के साथ समावेशी विचार-विमर्श को सुगम बनाएगा। इसके अलावा, यह वैविध्यापूर्ण और अंतरवर्गीय हितों के संपूर्ण प्रतिनिधित्व् की जरूरत को सबसे आगे रखते हुए डब्यूीने -20 की सिफरिशों को जी-20 वार्ताओं- और अंतत: जी-20 नेताओं के घोषणापत्र तक पहुंचाएगा। हमारा उत्तयरदायित्वर है कि हम महिला उद्यमियों के साथ जी-20 की सक्रिय संबद्धता बढ़ाते हुए और महिला-पुरुष समानता को बढ़ावा देने वाली नीतियों के प्रति संकल्पसबद्धताओं को रेखांकित करते हुए महिलाओं की प्रमुख समस्याओओं के बारे में सर्वसम्म ति कायम करें। एक समूह होने के नाते, हम अध्यपक्षताओं के बीच डब्यूाओं -20 एजेंडे की निरंतरता सुनिश्चित करते हुए सशक्तु डब्यूुएत -20 के वैश्विक और राष्ट्री य नेटवर्क की स्था-पना करने की दिशा में प्रयासरत हैं।

जी-20 की भारत की अध्यकक्षता के दौरान डब्यूैं। -20 चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्या न केंद्रित करेगा:
• जमीनी स्तोर पर महिलाओं का नेतृत्वभ निर्माण
• महिला उद्यमिता
• महिलाओं और पुरुषों में डिजिटल डिवाइड को दूर करना
• शिक्षा और कौशल विकास के जरिए रास्तेव बनाना

इन प्राथमिकताओं को रेखांकित करने के लिए डब्यूौरा -20 की रणनीति के अंतर्गत 4 सी दृष्टिकोण – मिलकर कार्य करना, सहयोग करना, वार्ता करना और सर्वसम्म ति कायम करना तथा कार्रवाई करने का आह्वान शामिल होगा। हम महिलाओं की समस्याणओं से संबंधित विविध हितधारकों को समाविष्ट , शामिल और संलग्नं करेंगे।

हितधारक : हमारे प्राथमिक हितधारकों में जमीनी स्तार की जनजातीय, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के साथ ही साथ खेती-बाड़ी करने वाली, अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाली, कारीगर और हथकरघा तथा हस्त शिल्पे क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं, महिला उद्यमी, आंगनवाड़ी कामगार और पीआरआई आदि शामिल हैं। डब्यूरने -20 अपने विद्यार्थी आउटरीच कार्यक्रमों के लिए अकादमिक और अनुसंधान संस्थारओं के साथ मिलकर कार्य करेगा, साथ ही साथ श्वे त पत्र, नीतिगत सारंश और अनुसंधान पत्र जैसे जानकारी देने वाले दस्ताावेज (नॉलेज प्रोडक्ट ) तैयार करेगा। डब्यूाथम -20 को चर्चा का समावेशी और वैविध्य्पूर्ण मंच बनाने के लिए राष्ट्री य और अंतर्राष्ट्री य महिला सिविल सोसायटी फोरम, स्थाचनीय गैर सरकारी संगठन, संयुक्तर राष्ट्रट एजेंसियां, आईएलओ, वाणिज्यल मंडल आदि को शामिल किया जाएगा।

जन आंदोलन एवं जन जागृति; गली टू दिल्लीर : गांवों और शहरों में सिलसिलेवार बैठकों और कार्यक्रमों के जरिए, डब्यूागृ -20 समाज के सभी वर्गों की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करेगा। डब्यूेर् -20 के बारे में जागरूकता फैलाने और कार्य समूह द्वारा तैयार किए जाने वाले नीतिगत सारांशों और वक्त-व्योंण में नागरिकों की आवाज को शामिल करने के लिए गांवों में चौपाल की बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रस्तााव पारित करने के लक्ष्यम के साथ ग्राम सभा के स्तारों पर बैठकें की जाएंगी, जिससे ग्राम स्तिर पर सहयोगपूर्ण वातावरण सुनिश्चित होगा। इसके अलावा डब्यूारा -20 के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के समर्थन में देश भर में पोस्टभ कार्ड अभियान चलाए जाएंगे, जो बदले में नीति निर्माताओं और नीतिगत परिणामों को प्रभावित करेंगे।

इसके अलावा, भारत की समृ‍द्ध संस्कृरति और धरोहर को दर्शाने के लिए अंतर्राष्ट्री य प्रतिनिधियों के साथ बड़े पैमाने पर चार विश्वृ-स्तारीय कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इनमें शास्त्री य नृत्योंा की प्रस्तुातियां, साथ ही साथ नेनो उद्यमियों और स्थाकनीय व्यं जनों की प्रस्तुाति सहित हथकरघा और हस्त्शिल्पं मेले का आयोजन किया जाएगा। प्रथम बैठक 13-15 फरवरी, 2023 को औरंगाबाद में आयोजित होगी।

महिला उद्यमिता : डब्यूोगी -20 का एजेंडा, विशेष तौर पर लक्ष्यव 8.3 (एसडीजी) में उद्यमिता और गरिमापूर्ण कार्य के महत्वे को मान्याता देता है, जिसमें कहा गया है -“ उपयोगी गतिविधियों, गरिमापूर्ण रोजगार के सृजन, उद्यमिता, रचनात्माकता और नवाचार में सहायता देने वाली तथा सूक्ष्मज, लघु और मझौले आकार के उद्यमों की स्थाकपना और विकास को प्रोत्सा हन देने वाली वित्तीतय सेवाओं तक पहुंच के जरिए विकासोन्मुाखी नीतियों को बढ़ावा देना।” डब्यू्सा -20 उद्यमियों, स्टा र्टअप यूनिकॉर्न, नेनो और सूक्ष्मच उद्यमियों के साथ संवाद और परामर्श करेगा और उनकी सिफारिशों को रेखांकित करेगा।

वैश्विक सर्वसम्मउति बनाना : महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण, विश्वर में निवेश, बडे़ उभरते बाजारों, प्रतिभाशाली समूहों और जनसांख्यिकीय लाभांश के सर्वाधिक आशाजनक क्षेत्रों में से एक है, जिसका उपयोग किया जाना बाकी है। डब्यूेर् -20 सुशासन, आर्थिक विकास, गरीबी और भूख मिटाने, खाद्य सुरक्षा और सबके लिए पोषण हासिल करने, सतत उपभोग और उत्पाेदन की परिपाटियों, पर्यावरणीय टिकाऊपन को प्राथमिकता देने तथा समग्र रूप से एसडीजी हासिल करने में फोर्स मल्टीवप्लाययर के रूप में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर वैश्विक सर्वसम्म ति बनाने का कार्य करेगा।
व्याेपार, सरकार, महिला और सिविल सोसायटी सहित समस्ते हितधारकों के लिए कार्रवाई करने के सार्वभौमिक आह्वान के रूप में डब्यूै।ा -20 एजेंडा साझा प्रयासों के लिए प्राथमिकताएं स्पवष्ट करता है, ताकि हाशिए पर मौजूद वर्गों की महिलाओं समेत समस्ता महिलाएं आर्थिक वृद्धि और विकास के लाभ साझा कर सकें, कोई भी पीछे छूटने न पाए।

डब्यूटिय -20, जी-20 और डब्यूीने -20 त्रोइका पर ध्याआन केंद्रित करेगा और डब्यूष्ट -20 की प्राथमिकताओं और कार्य की निरंतरता सुनिश्चित करेगा।

रोल मॉडल और महिला मार्गदर्शक : महिलाओं ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और अनेक क्षेत्रों की उपलब्धियों में अपार योगदान दिया है। डब्यूमग् -20 महिलाओं को कुछ हासिल करने के लिए प्रेरित करने में समर्थ रोल मॉडलों की पहचान करेगा।

सरकार और सिविल सोसायटी की परिवर्तनकारी योजनाएं और कार्यपद्धतियां : महिलाओं के लिए काम करने वाले गवर्नेंस के मॉडलों को समझने के लिए सरकारी योजनाओं का विश्लेछषण करना डब्यूितम -20 की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। उदाहरण के लिए, मध्य प्रदेश की लाडली लक्ष्मीम योजना का उपयोग सरकार और सिविल सोसायटी की अच्छीर कार्यपद्धतियों को दर्शाने के लिए एक केस-स्टवडी के रूप में किया जा सकता है।

डॉ. संध्याद पुरेचा, अध्यसक्ष के रूप में डब्यूिया -20 कार्य समूह की अगुवाई कर रही हैं। इस कार्यसमूह में भारतीय प्रतिनिधियों/प्रतिभागियों के रूप शामिल प्रमुख महिलाओं में डॉ. ज्योकति किरण शुक्लां, प्रो. शमिका रवि, सुश्री भारती घोष, रवीना टंडन और डब्यूार् -20 सचिवालय (फिक्कीओ एफएलओ) की मुख्यध समन्वंयक के रूप में धारित्री पटनायक शामिल हैं। अमूल इस कार्य समूह का संस्थारगत साझेदार है।