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* कृषि जनकल्याण संवाद में किसानों ने रखी अपनी बात

 *270 रुपए में यूरिया उपलब्धता की सूचना पर पदाधिकारी को बधाई मिली*

* स्वस्थ मिट्टी, समृद्ध किसान और सुरक्षित भविष्य के संकल्प के साथ सारण में गूँजा ‘खेत बचाओ अभियान’

* खेत बचेंगे, मिट्टी स्वस्थ होगी, तभी परिवार और समाज समृद्ध होगा
:- विजय कुमार सिन्हा

*मिट्टी बचेगी, तभी थाली सजेगी,*
*खेत बचेंगे, तभी खुशहाली आएगी*– *विजय कुमार सिन्हा*

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/आज सारण जिले में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण संवाद’ कार्यक्रम में उपस्थित किसानों एवं जनसमूह को संबोधित करते हुए माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि एवं किसानों के सर्वांगीण विकास, खेतों की उर्वरता के संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि “हमारे परिवार का स्वास्थ्य सीधे हमारी मिट्टी के स्वास्थ्य से जुड़ा है। जिस मिट्टी में हम अन्न उपजाते हैं, यदि वही स्वस्थ और पोषक तत्वों से भरपूर होगी, तभी हमें शुद्ध, पौष्टिक भोजन मिलेगा और हमारा परिवार स्वस्थ एवं सुरक्षित रहेगा।”

‘खेत बचाओ अभियान’ के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाकर इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से माननीय जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस अवसर पर माननीय लोकसभा सांसद श्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक श्रीमती छोटी कुमारी, श्री जनक सिंह, श्री रंधीर कुमार सिंह एवं श्री मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह तथा विधान परिषद सदस्य श्री सच्चिदानंद राय सहित कई अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने किसानों के हितों की रक्षा, खेतों के संरक्षण एवं कृषि के सतत विकास के इस अभियान को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

श्री सिन्हा ने बताया कि किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता एवं पोषक तत्वों की सही जानकारी उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य के सभी हाई स्कूलों में मिट्टी जाँच प्रयोगशाला स्थापित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि विद्यार्थी प्रारंभिक स्तर से ही मृदा स्वास्थ्य एवं वैज्ञानिक खेती के महत्व को समझ सकें।

कृषि मंत्री ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी विजन के अनुरूप ‘खेत बचाओ अभियान’ धरती की उर्वरता बचाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ मिट्टी एवं समृद्ध कृषि का आधार तैयार करने का संकल्प है।

कृषि मंत्री ने कहा कि मिट्टी के संरक्षण के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के सभी 38 जिलों के 629 पीएम श्री एवं राजकीय विद्यालयों में मिनी मिट्टी जाँच प्रयोगशालाएँ स्थापित की जाएँगी। इससे विद्यार्थी मिट्टी की गुणवत्ता को वैज्ञानिक तरीके से समझेंगे और उसके संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होंगे। मुझे प्रसन्नता है कि इस दिशा में पहले ही 160 पीएम श्री उच्च विद्यालयों में ऐसी प्रयोगशालाएँ स्थापित की जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान की सफलता किसानों की सक्रिय भागीदारी और जन-जागरूकता पर निर्भर करती है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि शारदीय (खरीफ) मौसम में बिहार भर में 7,275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया जिनमें 6,19,436 किसानों ने भाग लिया। इनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल रहीं। किसानों की यह व्यापक भागीदारी खेतों के संरक्षण और मिट्टी के स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है।

श्री सिन्हा ने कहा कि वासंतिक (रबी) मौसम 2026-27 में इस अभियान को राज्य के सभी 534 प्रखंडों तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत प्रत्येक प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएँगे। हमारा प्रयास है कि इस अभियान के माध्यम से 15 से 16 लाख किसानों तक सीधे पहुँचकर उन्हें मिट्टी के स्वास्थ्य, खेतों की उर्वरता और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि खेतों का संरक्षण जनभागीदारी का व्यापक अभियान बन सके।

कार्यक्रम के दौरान श्री विजय कुमार सिन्हा ने बीज, कीटनाशक, मिट्टी जाँच, उर्वरक सहित कृषि से जुड़े कुल 19 महत्वपूर्ण विषयों पर किसानों के साथ सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसानों की समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा उनके त्वरित समाधान एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

इस दौरान श्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रदर्शित विभिन्न कृषि योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, गुणवत्तायुक्त बीजों तथा प्राकृतिक खेती से संबंधित नवाचारों का जायजा लिया।

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