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*जननायक कर्पूरी ठाकुर को 102वीं जयंती पर मुख्यमंत्री की भावपूर्ण श्रद्धांजलि*

– स्मृति संग्रहालय में हुआ आयोजन
– मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, विजय चौधरी, श्याम रजक, रामकृपाल यादव सहित अन्य मंत्रियों ने भी दी श्रद्धांजलि

त्रिलोकी नाथ प्रसाद । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
कला एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय में शनिवार को भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री के अलावे कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, मंत्री विजय चौधरी, मंत्री श्याम रजक, मंत्री रामकृपाल यादव सहित अन्य मंत्रियों का तांता लगा रहा ।

कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में भजन-गायन एवं लोक गायन की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से कर्पूरी ठाकुर के संघर्षशील जीवन, उनके विचारों तथा सामाजिक न्याय के संदेश को प्रभावशाली ढंग से जनमानस के समक्ष प्रस्तुत किया। मल्टीमीडिया के माध्यम से उनकी जीवन पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया, साथ ही उनके कटआउट्स के जरिए उनके जीवन से जुड़ी विभिन्न जानकारियां भी प्रदर्शित की गईं।

*जननायक कर्पूरी ठाकुर*
भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर भारतीय राजनीति के उन विरले व्यक्तित्वों में से एक थे, जिन्होंने सादगी, ईमानदारी और सामाजिक न्याय को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाया। उनका जन्म 24 जनवरी 1924 को बिहार के समस्तीपुर जिले में हुआ। वे स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से सहभागी रहे और स्वतंत्रता के बाद वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्षरत रहे।

वे दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। अपने शासनकाल में उन्होंने पिछड़े वर्गों को आरक्षण, शिक्षा के प्रसार, हिंदी को प्रशासनिक भाषा के रूप में सशक्त करने तथा गरीबों और कमजोर वर्गों के हित में अनेक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय लिए। उनकी सादगीपूर्ण जीवन शैली और निष्कलंक सार्वजनिक छवि के कारण उन्हें ‘जननायक’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।

भारत सरकार द्वारा उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाना उनके अतुलनीय योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है। उनका जीवन आज भी सामाजिक न्याय, समरसता, समान अवसर और जनकल्याण के मूल्यों का सशक्त प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

इस अवसर पर कला एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों और जीवन से प्रेरित नागरिक उपस्थित रहे और कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।

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