कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ : चतुर्थ कृषि रोडमैप से किसानों की आय सुरक्षा को मिल रहा नया बल

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटना। बिहार विधान सभा में आज प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए माननीय कृषि मंत्री, बिहार सरकार राम कृपाल यादव ने कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यह क्षेत्र राज्य की अधिकांश ग्रामीण आबादी को आजीविका प्रदान करता है तथा सकल राज्य मूल्यवर्धन (GSDP) में लगभग एक-चौथाई का योगदान देता है।
माननीय मंत्री ने कहा कि अवसंरचनात्मक चुनौतियों और कृषि-जलवायु संबंधी जोखिमों के बावजूद, सतत सार्वजनिक निवेश और दूरदर्शी नीतिगत सुधारों के कारण बिहार के कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति दर्ज की गई है। आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार की योजनाबद्ध पहलें जमीन पर सकारात्मक परिणाम दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लागू चतुर्थ कृषि रोडमैप (2023–28) का प्रमुख उद्देश्य किसानों को आय सुरक्षा प्रदान करना, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करना तथा कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना है। इस रोडमैप के तहत फसल उत्पादन, बागवानी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्यिकी एवं अन्य संबद्ध गतिविधियों को राज्य योजनाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के प्रभावी समन्वय से सुदृढ़ किया जा रहा है।
माननीय मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन एवं वितरण, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत सिंचाई क्षमता का विस्तार, कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन के माध्यम से आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग तथा बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत निजी निवेश को बढ़ावा देने जैसे हस्तक्षेपों से कृषि की उत्पादक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। समेकित बागवानी विकास मिशन एवं फसल-आधारित योजनाओं के परिणामस्वरूप बागवानी एक सशक्त और उभरते हुए उप-क्षेत्र के रूप में स्थापित हुई है।
आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2022–23 से 2024–25 के बीच कृषि विद्युत सब्सिडी में 99.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी अवधि में किसान क्रेडिट कार्ड धारकों की संख्या में 16.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ कृषि ऋण वितरण बढ़कर 9,399.24 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, वर्ष 2024–25 में सिंचाई क्षेत्र में 2,729.83 करोड़ रुपये का निवेश किया गया, जिससे खेती की लागत में कमी और उत्पादन में स्थिरता सुनिश्चित हुई है।
माननीय कृषि मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आर्थिक सर्वेक्षण में परिलक्षित ये सकारात्मक संकेत राज्य सरकार की नीतियों की सफलता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि इन समग्र प्रयासों से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का सुदृढ़ीकरण होगा और बिहार के किसानों की आय, आजीविका तथा जीवन स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।



