जिलाधिकारी, पटना की अध्यक्षता में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें खाद्यान्न के उठाव एवं वितरण के बारे में समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/1. जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को खाद्यान्न का ससमय उठाव एवं वितरण सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। लाभुकों तक ससमय खाद्यान्न पहुँचाने के लिए ज़िम्मेदारीपूर्वक कार्य करने का निदेश दिया गया।
2. जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आपूर्ति संबंधी मामलों का पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ अनुश्रवण करने का निदेश दिया।
3. समीक्षा में पाया गया कि राशन कार्ड के लिए प्राप्त आवेदनों के निष्पादन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा कैम्प मोड में राशन कार्ड का वितरण भी सुनिश्चित किया गया है। 18,035 राशन कार्डों का वितरण कैम्प मोड में किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा इस पर हर्ष व्यक्त करते हुए राशन कार्डों के लिए प्राप्त शेष सभी आवेदनों का त्वरित गति से निष्पादन करने एवं पंचायत सरकार भवनों, सामुदायिक भवनों आदि जगहों पर कैम्प लगाकर वितरण सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित कैम्प में शत-प्रतिशत राशन कार्ड का वितरण सुनिश्चित कराने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निदेश दिया कि सभी नए राशन कार्डधारियों को अनाज ससमय मिले। समीक्षा में पाया गया कि राशन कार्ड हेतु ऑनलाईन प्राप्त 3,716 आवेदनों का निष्पादन लंबित है। ये सभी आवेदन एक्सपायर्ड (निर्धारित समय-सीमा के बाहर) हैं। साथ ही 5,823 आवेदन समय-सीमा के अंदर निष्पादन हेतु प्रक्रियाधीन है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी प्रक्रियाधीन 9,539 आवेदनों को तीव्र गति से निष्पादित करने का निदेश दिया।
4. समीक्षा में पाया गया कि विभाग द्वारा प्राप्त 3,16,323 सस्पेक्टेड राशन कार्ड में से अनुमंडलों द्वारा 1,89,392 राशन कार्ड को निष्पादित किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा अनुमंडल पदाधिकारियों को प्रखंड-स्तरीय पदाधिकारियों के माध्यम से शेष 1,26,931 सस्पेक्टेड राशन कार्ड का शीघ्र जाँच कराते हुए विधिवत निष्पादन करने का निदेश दिया गया।
5. समीक्षा में पाया गया कि 80.37 प्रतिशत लाभुकों का ई-केवाईसी सत्यापन किया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को ई-केवाईसी सत्यापन में तीव्रता लाने का निदेश दिया। साथ ही इस मानक पर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले 5 प्रखंडों यथा फुलवारी, सम्पतचक, पुनपुन, दुल्हिनबाजार एवं पालीगंज के आपूर्ति निरीक्षकों का वेतन अवरूद्ध कर उन सभी से स्पष्टीकरण किया गया। फुलवारी में ई-केवाईसी की स्थिति खराब पायी गयी। यहाँ ई-केवाईसी सत्यापन मात्र 74.96 प्रतिशत किया गया है। जिलाधिकारी ने इस पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए वर्तमान में पदस्थापित आपूर्ति निरीक्षक को एक महीना में सुधार लाने का निदेश दिया। साथ ही इनसे पूर्व पदस्थापित आपूर्ति निरीक्षक के विरूद्ध प्रपत्र-‘क’ गठित कर सरकार को प्रतिवेदित करने का निदेश अपर जिला दंडाधिकारी आपूर्ति को दिया गया। सम्पतचक में ई-केवाईसी मात्र 77.12 प्रतिशत ही है जबकि खाद्यान्न का वितरण शत-प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने कहा कि खाद्यान्न का शत-प्रतिशत वितरण होना परन्तु ई-केवाईसी लंबित रखना जाँच का विषय है। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर को टीम गठित कर सम्पतचक में खाद्यान्न वितरण के विरूद्ध खराब ई-केवाईसी सत्यापन मामले की विधिवत जाँच कर प्रतिवेदन देने का निदेश दिया। पुनपुन में ई-केवाईसी सत्यापन मात्र 77.86 प्रतिशत जबकि दुल्हिनबाजार में 77.95 प्रतिशत एवं पालीगंज में 78.86 प्रतिशत ई-केवाईसी सत्यापन हुआ है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को इसमें तेजी लाने तथा अनुमंडल पदाधिकारियों को अनुश्रवण करने का निदेश दिया।
6. समीक्षा में पाया गया कि 3,040 पीडीएस दुकानों में से विगत तीन माह में 2,586 दुकानों की जाँच की गई। इसमें 110 दुकानों में अनियमितता पाई गई। 44 दुकानदारों से स्पष्टीकरण किया गया, 5 का रद्दीकरण एवं 1 के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। जिलाधिकारी द्वारा कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को प्रावधानों के अनुसार जनवितरण प्रणाली की दुकानों की नियमित जाँच, छापामारी एवं अनियमितता पाए जाने पर प्रभावी ढंग से विधिवत कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि पदाधिकारीगण यह सुनिश्चित करें कि पीडीएस दुकानों द्वारा लाभुकों को निर्धारित मात्रा में अनाज उपलब्ध कराया जाए। इसका उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी द्वारा अनुमंडल पदाधिकारियों को ऐसे पीडीएस दुकानदारों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करने एवं प्रति सप्ताह अनुमंडलवार कृत कार्रवाई प्रतिवेदन (एटीआर) समर्पित करने का निदेश दिया गया।


