सरदार पटेल देश की एकता और अखंडता के पर्याय – नीतीश कुमार

ऽ जदयू मुख्यालय में धूमधाम से मनाई गई सरदार पटेल की 151वीं जयंती नीतीश कुमार ने अर्पित किए श्रद्धा-सुमन
त्रिलोकी नाथ प्रसाद /पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता दल (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नीतीश कुमार ने आज पार्टी कार्यालय पहुंचकर लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस दौरान विधान परिषद् में सत्तारूढ़ दल के उपनेता श्री ललन सर्राफ, मुख्य सचेतक श्री संजय गांधी, राष्ट्रीय महासचिव एवं विधायक श्री श्याम रजक, मुख्य प्रवक्ता एवं विधानपार्षद श्री नीरज कुमार, विधानपार्षद श्री रवीन्द्र सिंह, विधायक श्री अरुण मांझी, विधानपार्षद श्रीमती शिवरानी प्रजापति, बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डाॅ0 अमरदीप, मुख्यालय प्रभारी श्रीमती अंजुम आरा, पूर्व विधानपार्षद श्री रूदल राय, पार्टी नेता श्री चंदन सिंह, श्री नवीन आर्या, श्री संतोष कुशवाहा, डाॅ0 श्वेता विश्वास, श्री अरविन्द निराला सिन्दूरिया, श्री गणेश कानू, श्री कमलजीत सिंह, श्री कृष्णा पटेल, श्री राहुल खंडेलवाल, श्री बंटी चन्द्रवंशी, श्रीमती पल्लवी पटेल, डाॅ0 फिरोज मंसूरी सहित बड़ी संख्या में नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस अवसर पर सरदार पटेल के व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए श्री नीतीश कुमार ने कहा कि सरदार पटेल देश की एकता और अखंडता के पर्याय हैं। वे ऐसे महान राष्ट्रनायक हैं, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता, साहस और कुशल नेतृत्व के बल पर देश को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। इसी असाधारण योगदान के कारण वे लौहपुरुष कहलाते हैं।
श्री नीतीश कुमार ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, सामाजिक एकता बनाए रखने और देश की अखंडता एवं संप्रभुता के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों को आत्मसात करना और उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इससे पहले पार्टी कार्यालय पहुंचने पर पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने श्री नीतीश कुमार का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनके प्रति अपना सम्मान एवं समर्थन व्यक्त किया। श्री नीतीश कुमार ने भी कार्यकर्ताओं से आत्मीयता के साथ मुलाकात की। उन्होंने वहां मौजूद पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का कुशलक्षेम जाना तथा उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना।


