वोट बचाओ–देश बचाओ’ रैली में झारखंड की दमदार भागीदारी, शिल्पी नेहा तिर्की बोलीं- लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट है जनता

नई दिल्ली/रांची, 1 नवंबर 2026। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ रैली में झारखंड से हजारों लोगों ने दमदार भागीदारी निभाई। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं एवं आम लोगों ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा का संकल्प लिया। रैली में झारखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की भी शानदार झलक देखने को मिली।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आह्वान पर आयोजित इस रैली में उमड़े जनसैलाब को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनजागरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि देश की जनता अब जाग चुकी है और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि चोरी और छल के सहारे खड़ा किया गया कोई भी साम्राज्य अधिक दिनों तक नहीं टिक सकता। देश की जनता अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ आगे आ चुकी है।
रामलीला मैदान में गूंजी झारखंड की संस्कृति
रैली में झारखंड से पहुंचे हजारों लोगों ने राज्य की कला, संस्कृति और परंपराओं के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। राष्ट्रीय मंच पर झारखंडी अस्मिता की मजबूत पहचान प्रस्तुत की गई। विशेष रूप से टाना भगत समुदाय की पारंपरिक भेरी की गूंज ने रामलीला मैदान को झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और जनशक्ति के रंग में रंग दिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और कार्यकर्ताओं के उत्साह ने रैली में झारखंड की भागीदारी को खास बना दिया। झारखंड से आए लोगों की भारी सहभागिता ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई में राज्य पूरी मजबूती के साथ देश की जनता के साथ खड़ा है।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का जनसंकल्प
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ रैली केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान, मताधिकार और देश के भविष्य को बचाने का जनसंकल्प है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता अब अपने अधिकारों के प्रति सजग है और किसी भी कीमत पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर नहीं होने देगी। रैली में झारखंड की व्यापक भागीदारी ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति राज्य के लोगों की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया



