बी.फार्म फार्मासिस्टों का गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

त्रिलोकी नाथ प्रसाद। बिहार में बी.फार्म (B.Pharm) उत्तीर्ण छात्रों और फार्मासिस्टों ने अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर राजधानी पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आंदोलन का आयोजन बीफार्म संघर्ष समिति, बिहार के बैनर तले किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी होने तक धरना और भूख हड़ताल जारी रखने की बात कही है।

आंदोलनरत बी.फार्म धारकों का कहना है कि राज्य में होने वाली फार्मासिस्ट बहाली प्रक्रिया में बी.फार्म डिग्रीधारकों को भी समान अवसर दिया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उन्हें फार्मासिस्ट भर्ती प्रक्रिया में अपेक्षित अवसर नहीं मिल रहा है।
क्या हैं तीन प्रमुख मांगें?

1. फार्मासिस्ट बहाली में बी.फार्म धारकों को शामिल किया जाए
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि बिहार सरकार द्वारा निकाली जाने वाली फार्मासिस्ट बहाली प्रक्रिया में बी.फार्म (B.Pharm) धारकों को भी शामिल किया जाए और उन्हें भर्ती में अवसर प्रदान किया जाए।
2. केंद्रीय नियमों को लागू करने की मांग
आंदोलनकारियों ने बिहार में केंद्र द्वारा निर्धारित फार्मासिस्ट भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा से संबंधित नियमों को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमों का पालन होने से फार्मेसी शिक्षा प्राप्त युवाओं को उनके योग्यतानुसार अवसर मिल सकेगा।
3. रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने की मांग
बी.फार्म धारकों के लिए फार्मासिस्ट समेत अन्य संबंधित पदों पर रोजगार के अवसर सृजित और सुरक्षित करने की भी मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर मिलना चाहिए।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
बी.फार्म संघर्ष समिति से जुड़े आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल के माध्यम से भी अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का ऐलान किया है।
गर्दनीबाग में शुरू हुए इस आंदोलन के चलते अब सभी की नजरें बिहार सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। आंदोलनकारी सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर उनकी मांगों पर निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं।

