भारत वर्ष 2030 तक आधुनिक, डिजिटल और स्मार्ट विद्युत वितरण प्रणाली बनाने के लिए प्रतिबद्ध: प्रबंध निदेशक, एनबीपीडीसीएल

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/इंडोनेशिया में आयोजित ENLIT Asia 2026 के दौरान विद्युत वितरण, ग्रिड आधुनिकीकरण, डिजिटलाइजेशन और AI Integration पर हुआ महत्वपूर्ण विचार-विमर्श
पटना : इंडोनेशिया में बीते सप्ताह आयोजित ENLIT Asia 2026 के दौरान ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन (AIDA) के प्रतिनिधिमंडल ने PT PLN (Indonesia Power) का दौरा किया। इस दौरान विद्युत वितरण व्यवस्था, ग्रिड आधुनिकीकरण, डिजिटलाइजेशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एकीकरण तथा पावर सेक्टर के भविष्य को लेकर ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के बीच व्यापक चर्चा एवं अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ।
प्रतिनिधिमंडल में इंडिया स्मार्ट ग्रिड फोरम (ISGF) के साथ बिहार ,उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों की विद्युत वितरण कंपनियों (DISCOMs) के प्रतिनिधि शामिल हुए ।
विदित हो कि भारत की ओर से एनबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक श्री राहुल कुमार (IAS) के नेतृत्व में इण्डोनेशिया का दौरा किया गया । उन्होंने ऊर्जा परिवर्तन में भारत के साथ साथ बिहार की भूमिका एवं भविष्य की दिशा को प्रस्तुत किया ।
उन्होंने भारत के ऊर्जा परिवर्तन की भूमिका तथा विद्युत वितरण क्षेत्र के आधुनिकीकरण और भविष्य की दिशा से संबंधित पहलुओं को भी साझा किया।
चर्चा के दौरान उन्होंने वर्ष 2030 तक भारत के 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य के अनुरूप आधुनिक, डिजिटल और स्मार्ट विद्युत वितरण प्रणाली विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए श्री राहुल कुमार ने कहा कि ग्रिड मॉडर्नाइजेशन, डिजिटल तकनीकों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक कुशल, विश्वसनीय, स्मार्ट एवं भविष्य के लिए तैयार बनाने में महत्वपूर्ण साधन के रूप में उपयोग किया जा सकता है ।
ENLIT Asia 2026 में विभिन्न देशों के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, संस्थानों एवं प्रतिनिधियों ने सहयोग, नवाचार और तकनीकी अनुभवों को आदान-प्रदान किया । कार्यक्रम के माध्यम से विद्युत क्षेत्र में उभरती तकनीकों, स्मार्ट ग्रिड समाधानों और डिजिटल परिवर्तन की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण विचार विमर्श किया गया ।
बिहार की इस सहभागिता से राज्य के विद्युत वितरण क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, डिजिटल समाधान और स्मार्ट ग्रिड आधारित प्रणालियों को बढ़ावा देने तथा भारत के व्यापक ऊर्जा परिवर्तन में राज्य की भूमिका को सुदृढ़ करने की दिशा में अनुभव एवं वैश्विक दृष्टिकोण प्राप्त हुए।



