ताजा खबर

जनादेश से मुंह मोड़कर चुनाव आयोग पर अनर्गल आरोप लगा रहा विपक्ष – जद(यू)

जनता के बीच साख खो चुका विपक्ष अब अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ रहा

त्रिलोकी नाथ प्रसाद।जद (यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री राजीव रंजन प्रसाद ने आरजेडी, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता के बीच लगातार अपना भरोसा खो रहा विपक्ष अब अपनी राजनीतिक खीज निकालने के लिए चुनाव आयोग को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि जनादेश का सम्मान करने के बजाय अपनी राजनीतिक विफलताओं का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ना विपक्ष की पुरानी आदत बन गई है।

उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर तंज कसते हुए कहा कि आरजेडी को बिहार की जनता के सवालों से ज्यादा अपने परिवार की चिंता है, कांग्रेस को हर मुद्दे में चुनावी साजिश नजर आती है और टीएमसी को बंगाल की जनता के जनादेश पर आत्ममंथन करने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप का रास्ता आसान लगता है। जनता अब इन राजनीतिक बहानों को अच्छी तरह समझ चुकी है।

उन्होंने कहा कि बिहार में बाढ़ हो, सुखाड़ हो या विधानमंडल का सत्र तेजस्वी यादव की सक्रियता धरातल पर कम राजनीतिक बयानबाजी में ज्यादा दिखाई देती है। राहुल गांधी के अभियानों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा राजनीति में अभियान की घोषणा और उसके बाद राजनीतिक पर्यटन पर निकल जाना, दोनों अब जनता के लिए कोई नई बात नहीं रह गई है।

वहीं पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने सत्ता में रहते हुए बंगाल की जिम्मेदारी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को सौंप दी। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के कुशासन की गवाह वहां की जनता है। तृणमूल कांग्रेस के कामों से नाराज बंगाल की जनता अगर अपना जनमत किसी दूसरे दल को देती है तो टीएमसी जैसे दल सांविधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने का काम करते हैं। जबकि ऐसा करने से वो अपनी राजनीतिक जवाबदेही से बच नहीं सकते हैं।

बिहार में एसआईआर को लेकर विपक्ष ने जिस तरह का माहौल बनाने की कोशिश की, उसका जवाब चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और जनता के विश्वास ने दे दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाने वालों को पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्तियां और शिकायतें किस स्तर पर दर्ज कराईं?

उन्होंने कहा कि हार का हिसाब जनता से मांगने के बजाय चुनाव आयोग से मांगना विपक्ष की राजनीति का नया फार्मूला बन गया है। उन्होंने कहा कि जनता अब आरोपों से नहीं, काम और जवाबदेही से प्रभावित होती है। आरजेडी, कांग्रेस और टीएमसी को यह समझना चाहिए कि हर चुनाव के बाद ईवीएम, चुनाव आयोग, प्रक्रिया या किसी अन्य संस्था को दोष देने से जनता के फैसले की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button