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सत्तू और मखाना से बनाई BRICS LOGO की अनोखी मधुबनी पेंटिंग, कलाकारों ने कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार को की भेंट

* मधुबनी पेंटिंग की कलाकार विनीता झा और निशा झा ने सत्तू और मखाना का उपयोग कर बनाई BRICS LOGO की अनोखी कलाकृति।
* कलाकारों ने अपनी कृति माननीय मंत्री, कला एवं संस्कृति विभाग, डॉ. प्रमोद कुमार को भेंट की।
* BRICS की वेलकम किट में बिहार के सत्तू और मखाना को शामिल किए जाने से प्रेरित होकर कलाकारों ने इस गौरवपूर्ण अवसर को कला के माध्यम से संजोने का प्रयास किया।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद। बिहार की पारंपरिक खाद्य संस्कृति और लोक कला का अनूठा संगम देखने को मिला, जब मधुबनी पेंटिंग की कलाकार विनीता झा और निशा झा ने बिहार के प्रसिद्ध सत्तू और मखाना का उपयोग कर BRICS LOGO की आकर्षक कलाकृति तैयार की। कलाकारों ने सोमवार को यह अनोखी कृति माननीय मंत्री, कला एवं संस्कृति विभाग, डॉ. प्रमोद कुमार को भेंट की।

BRICS शिखर सम्मेलन की वेलकम किट में बिहार के सत्तू और मखाना को शामिल किया गया था। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सम्मेलन में विदेशी प्रतिनिधियों और पत्रकारों के लिए तैयार किट में बिहार के इन पारंपरिक उत्पादों को स्थान दिया गया।

इसी गौरवपूर्ण अवसर को कला के माध्यम से संजोने के उद्देश्य से विनीता झा और निशा झा ने सत्तू और मखाना का प्रयोग करते हुए BRICS का आकर्षक LOGO तैयार किया। कलाकारों ने कहा कि जिस तरह बिहार के सत्तू और मखाना को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है, उसी तरह मधुबनी पेंटिंग भी बिहार की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। इसलिए उन्होंने दोनों पहचान को एक कलाकृति में जोड़ने का प्रयास किया है।

कलाकारों ने कहा कि यह कृति बिहार की खाद्य परंपरा, स्थानीय उत्पाद और कला-संस्कृति को एक साथ प्रस्तुत करती है। उनका प्रयास है कि बिहार की समृद्ध परंपराओं और स्थानीय उत्पादों से जुड़े गौरवपूर्ण क्षणों को कला के माध्यम से संरक्षित और प्रस्तुत किया जाए।

विनीता झा और निशा झा ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने मखाना और रेशम के धागे का उपयोग कर राखी की मधुबनी पेंटिंग तैयार की थी। इस राखी को उन्होंने अयोध्या में श्री रामलला के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को भेजा था।

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