बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेंद्र सिंह के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/बैठक में राज्य में सहकारिता के क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोपयोगी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान वेजिटेबल यूनियन की भांति मार्केटिंग यूनियन की प्रबंधकारिणी की कार्य-अवधि को 1 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष करने तथा संसद एवं विधान मंडल सदस्य सहकारी गृह निर्माण सोसायटी हेतु सदस्यता के संबंध में पूर्व के निर्देशों के अनुपालन पर चर्चा हुई। साथ ही, गयाजी में प्रस्तावित सहकारी ट्रेनिंग सेंटर की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई तथा बुनकर समितियों को आर्थिक मदद पहुँचाने, प्रखंड स्तरीय सभी समितियों का यूनियन द्वारा एफिलिएशन और समितियों को 98,000 रुपये प्रति समिति की दर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता की प्रगति पर बल दिया गया।
बैठक में वेजिटेबल और मार्केटिंग यूनियनों को प्रदान किए जाने वाले आर्थिक सहयोग, मानव बल, मार्केट फंड, तथा छपरा, दरभंगा, सहरसा एवं मधेपुरा में नए सहकारी बैंकों के खुलने की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री फसल सहायता योजना के अंतर्गत खरीफ 2024-25 तथा उसके बाद के वर्षों में लाभुकों के बीच भुगतान की स्थिति, प्रखंड सब्जी समितियों में कोल्ड स्टोरेज, गोदाम की स्थिति और भूमि की उपलब्धता पर चर्चा हुई। साथ ही, पैक्स के क्षेत्र में उत्पादित वस्तुओं का क्रय स्वयं पैक्स द्वारा सुनिश्चित हो, इसके लिए फाइनेंस, इंडस्ट्री और सहकारिता विभाग की संयुक्त बैठक की स्थिति पर भी विचार हुआ। इसके अलावा कंज्यूमर कोऑपरेटिव एवं उनके प्रबंधन की दिशा में अनुमंडल स्तर पर गठित संगठन की प्रगति की चर्चा हुई, जिसे त्वरित रूप से प्रमंडल एवं राज्य स्तर तक विधि द्वारा विस्तारित करने हेतु आवश्यक बिंदुओं पर विचार विमर्श हुआ।
माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने मधुमक्खी पालन, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य सहकारी संगठनों से जुड़े सदस्यों को सहकारिता से सीधे तौर पर जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में गरीब, वंचित, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आम किसानों को प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद, प्रसंस्करण और विपणन में सहभागिता मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, युवाओं के कौशल विकास हेतु उच्च शिक्षा में सहकारिता आधारित पाठ्यक्रम, डिग्री एवं डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की दिशा में आवश्यक पहल पर भी सार्थक विमर्श हुआ ।
इस बैठक में बिहार विधान सभा की प्रभारी सचिव सहित सभा सचिवालय के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे ।

