बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में आज 4 बजे अप. में उनके कार्यालय कक्ष में स्वास्थ्य विभाग के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/बैठक में सर्वप्रथम बिहार विधान सभा के माननीय वर्तमान एवं पूर्व सदस्यों तथा सभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया गया। माननीय स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय संकल्प को रेखांकित करते हुए कहा कि विभाग द्वारा यह निर्णय लिया गया कि कैशलेस व्यवस्था को आयुष्मान भारत से जोड़ा जाएगा एवं माननीय सदस्यों (पूर्व एवं वर्तमान) एवं उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा प्रणाली आगामी 01.01.2027 से लागू की जाएगी।
अंतर्वासी (इनडोर) चिकित्सा ही वर्तमान में कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के तहत लागू की जा रही है, जबकि बर्हिवासी (आउटडोर) चिकित्सा की प्रतिपूर्ति यथावत रहेगी । इसके अतिरिक्त आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध सरकारी एवं गैर-सरकारी सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रतिपूर्ति देय की सीमा तय करने के सुझावों पर विभागीय पदाधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। विधान सभा के माननीय सदस्यों, पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के चिकित्सा विपत्रों के सत्यापन हेतु सिविल सर्जन कार्यालय जाने वाली प्रक्रिया में होने वाले विलंब के मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा हुई। विशेषकर कैंसर, किडनी और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मियों को होने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए इस प्रतिपूर्ति प्रक्रिया को त्वरित और सुगम बनाने पर जोर दिया गया।
इसके पश्चात, गयाजी जिले के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आई.एम.ए. भवन, गयाजी स्थित “मगध आई रिट्रीवल सेंटर” के लाइसेंसिंग के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त, आगामी 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक गयाजी में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की पुख्ता व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।
इस बैठक में माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, विशेष सचिव सहित बिहार विधान सभा सचिवालय एवं स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे ।
