बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने समस्त प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी है।
त्रिलोकी नाथ प्रसाद। उन्होंने कहा कि यह पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास व निष्ठा के पवित्र बंधन का प्रतीक है, जिसे प्रति वर्ष श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाई की लंबी आयु और मंगल कामना के लिए कलाई पर राखी बांधती है और भाई भी बहन की सदैव रक्षा का वचन देता है। मान्यता है कि देवासुर संग्राम में भगवान इंद्र की पत्नी इंद्राणी ने अभिमंत्रित रक्षा सूत्र बांधा, जिससे उनकी विजय हुई। कहते हैं कि इसी के साथ रक्षा बंधन की परंपरा शुरु हुई। अन्य मान्यता के अनुसार राजा बलि को देवी लक्ष्मी और श्रीकृष्ण को द्रौपदी ने राखी बांधा था। मेवाड़ की रानी कर्णावती ने राखी भेजकर मुगल सम्राट हुमायूं से रक्षा का आग्रह किया था और हुमायूं ने भी रक्षा का वचन निभाया था। यह पवित्र त्योहार माताओं-बहनों की सुरक्षा, सम्मान और उनके सशक्तिकरण के संकल्प का प्रतीक है। मेरी कामना है कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।

