सहकारिता विभाग के 212 अराजपत्रित कर्मियों को मिला उच्चत्तर पदों का अस्थायी प्रभार
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/सहकारिता विभाग, द्वारा विभाग में कार्यरत कुल 212 कर्मियों को विभिन्न उच्चतर पदों का अस्थायी प्रभार संबंधित अधिसूचना जारी किया गया।
निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, श्री रजनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में 24 अप्रैल 2026 को आयोजित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में विभाग के कुल 212 कर्मियों को विभिन्न उच्चत्तर पदों का अस्थायी प्रभार दिया गया है। 24 अप्रैल 2026 को आयोजित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक में निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार के अतिरिक्त अपर सचिव, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, संयुक्त सचिव, सहकारिता विभाग, अवर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, आंतरिक वित्तीय सलाहकार, सहकारिता विभाग उपस्थित रहे। साथ ही बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में उप सचिव श्रीमती स्मृति कुमारी सम्मिलित हुई।
सहकारिता विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार वरीय सहकारिता प्रसार पदाधिकारी से मुख्य सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के पद पर 04 (दिव्यांग-02), सहकारिता प्रसार पदाधिकारी से वरीय सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के पद पर 03 (सभी दिव्यांग), प्रधान लिपिक से सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के पद पर 04 तथा उच्च वर्गीय लिपिक से प्रधान लिपिक के पद पर सर्वाधिक 79 कर्मियों को उच्चत्तर पद का अस्थायी प्रभार दिया गया है।
इसके अतिरिक्त निम्न वर्गीय लिपिक से उच्च वर्गीय लिपिक के पद पर 02, कार्यालय परिचारी से निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर 21, कार्यालय परिचारी के विभिन्न ग्रेड में 41, अंकेक्षक से वरीय अंकेक्षण पदाधिकारी के पद पर 04 तथा वरीय अंकेक्षण पदाधिकारी से अनुमंडल अंकेक्षण पदाधिकारी के पद पर 54 कर्मियों को उच्चत्तर पद का अस्थायी प्रभार सौंपा गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अधिसूचित “अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023” के निहित शर्तों के अधीन विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक-24.04.2026 को संम्पन्न बैठक की कार्रवाई की अनुशंसा के आलोक में सहकारिता विभाग के अधीन कुल 212 अराजपत्रित कर्मियों को उच्चत्तर पद का अस्थायी प्रभार वेतन एवं अन्य सुविधा सहित प्रदान किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के आलोक में दिव्यांग कर्मियों को भी नियमानुसार सीट आरक्षित कर उन्हें उच्चत्तर पद का अस्थायी प्रभार दिया गया है।
अराजपत्रित कर्मियों के प्रोन्नति के विभिन्न स्तरों पर उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार योग्य अभ्यर्थियों को उच्चतर प्रभार देने से उन्हें आर्थिक लाभ के साथ-साथ इनके कार्य दक्षता में भी वृद्धि हो सकेगी, साथ ही वे नई उर्जा एवं उत्साह के साथ विभागीय कार्यों/योजनाओं का कार्यान्वयन कर सकेगें।



